शिवपुरी में 30 किलो चरस बरामद, 6.21 करोड़ की खेप जब्त; तस्कर गिरफ्तार
शिवपुरी (आरएनआई) पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 30 किलो 295 ग्राम चरस जब्त की है।अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत लगभग 6 करोड़ 21 लाख रुपए आंकी गई है। इस मामले में पुलिस ने कोलारस निवासी संदीप सिंह सिख (38) को गिरफ्तार किया है।
ऐसे हुई गिरफ्तारी
एसपी अमन सिंह राठौड़ ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि मझेरा गांव (कोटा-झांसी फोरलेन) पर नशे की बड़ी खेप की डिलीवरी होने वाली है। देहात थाना प्रभारी जितेंद्र मावई की टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया। उसके पास से दो बैगों में भरी 60 पैकेट चरस और एक नई खरीदी गई किओ कार बरामद की गई।
नेपाल से आता था माल
जांच में पता चला कि संदीप सिंह ने यह खेप नेपाल से मंगवाई थी। नेपाल से टमाटर का व्यापार करने वाला मोहन ठाकुर ट्रक में छिपाकर चरस लाया और संदीप को सौंप दी। यह माल राजस्थान की एक पार्टी को सप्लाई किया जाना था, लेकिन पुलिस ने पहले ही दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
जेल से जुड़ा कनेक्शन
संदीप सिंह को कुछ महीने पहले गुना पुलिस ने 650 ग्राम अफीम के साथ पकड़ा था। जेल में उसकी मुलाकात बंटी नामक कैदी से हुई, जिसने उसे राजस्थान की बड़ी पार्टी से मिलवाया। जेल से बाहर आने के बाद संदीप ने उसी संपर्क के जरिए चरस का सौदा तय किया और नेपाल से खेप मंगवाई।
7 साल में ढाबे से होटल तक का सफर
संदीप सिंह मूल रूप से पंजाब का रहने वाला है। उसके परिवार ने कोलारस में आकर खेती शुरू की थी। कोरोना काल में उसने कोलारस बायपास पर एक छोटी झोपड़ी में ढाबा खोला। धीरे-धीरे उसने अफीम, गांजा और चरस का अवैध धंधा शुरू किया। सिर्फ सात साल में झोपड़ी वाला ढाबा अब दो मंजिला होटल में बदल गया और उसने कई जमीन-मकान भी खरीद लिए।
पुलिस करेगी संपत्ति की जांच
एसपी राठौड़ के अनुसार आरोपी ने अचानक अवैध कमाई से संपत्ति खड़ी की है। अब उसकी चल-अचल संपत्ति की जांच कराई जाएगी।
आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड
संदीप के खिलाफ पहले से ही कई मामले दर्ज हैं।
एनडीपीएस और आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई हो चुकी है।
पिछले साल उससे 17 किलो चरस (कीमत 3.49 करोड़) भी जब्त की गई थी।
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