नई दिल्ली (आरएनआई): पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच वैश्विक बाजार में सोना और चांदी की कीमतों में मंगलवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। दोनों कीमती धातुओं में 3 प्रतिशत से अधिक का उछाल दर्ज किया गया, जिससे निवेशकों की दिलचस्पी एक बार फिर बढ़ती नजर आई।
कॉमेक्स बाजार में सोना बढ़त के साथ करीब 4,618 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया, जबकि चांदी में भी तेज उछाल आया और यह 73.2 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर कारोबार करती दिखी। एशियाई सत्र में चांदी में लगभग 3.7 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई, जबकि सोने में भी मजबूत बढ़त बनी रही।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तेजी के पीछे कई कारण हैं। पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीदों के बीच निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर लौट रहे हैं। इसके साथ ही कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने महंगाई को लेकर चिंता बढ़ा दी है, जिससे बाजार में यह धारणा बनी है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कटौती करने के बजाय उन्हें ऊंचा बनाए रख सकता है।
हालांकि, फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने संकेत दिया है कि फिलहाल केंद्रीय बैंक ‘इंतजार और निगरानी’ की नीति पर कायम है और दीर्घकालिक महंगाई को नियंत्रण में माना जा रहा है। इसके बावजूद बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है, जो सोने-चांदी की कीमतों को सहारा दे रही है।
इसके अलावा, हालिया गिरावट के बाद निवेशकों द्वारा की जा रही ‘डिप बाइंग’ भी कीमतों में उछाल का एक बड़ा कारण है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद आई गिरावट का फायदा उठाते हुए निवेशकों ने सोने में खरीदारी बढ़ा दी है, जिससे बाजार को मजबूती मिली है।