सुकमा में ‘लाल ज़हर’ का खतरा: टेलिंग्स डंपिंग से पर्यावरण पर मंडराया संकट

Saturday, April 25, 2026 - 20:05
Updated: 4 months ago
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सुकमा में ‘लाल ज़हर’ का खतरा: टेलिंग्स डंपिंग से पर्यावरण पर मंडराया संकट

किरंदुल (आरएनआई) दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल में स्थित बहुराष्ट्रीय कंपनी आर्सेलर मित्तल निप्पोन स्टील के बेनिफिकेशन प्लांट से निकलने वाले लोह अयस्क के अपशिस्ट यानी टेलिंग्स को अब सुकमा जिला खनिज विभाग ने निजी उद्योगों के हितों को साधने के लिए सुकमा की पर्यावरण संरक्षण को भी दांव पर लगा दिया है ।उल्लेखनीय हैं कि सुकमा जिला मुख्यालय के भीतर की निजी भूमि पर जिला खनिज विभाग ने आर्सेलर मित्तल की लाल मिट्टी को डंप करने की अनुमति दे दी है ।हैरानी की बात यह है कि एनजीटी के कड़े नियमों को एक साइड रखते हुए नगर के बीचोबीच 1.25 लाख मेट्रिक टन मिट्टी के जहरीले जहर को गड्डों में भरने की तैयारी जोर शोर से की जा रही है । विदित हो कि सुकमा नगर से महज कुछ ही दूरी पर सुकमा जिले की प्राणदायिनी नदी शबरी बहती है । साथ ही साथ गौरतलब बात यह भी होगी कि किरंदुल से लेकर सुकमा तक आर्सेलर मित्तल कंपनी से निकलने वाली लाल जहर की मिट्टी को परिवहन करने वाली बड़ी बड़ी वाहनों के द्वारा ना जाने कितनी सड़को को बर्बाद किया जाएगा साथ ही गर्मी के दिनों में वाहनों के टायरों से उड़ने वाली धूल से बीमार पड़ने वाले ना जाने कितने राहगीरों को अस्पताल में लाइन लगा कर डॉक्टरों का इंतजार करना होगा ।उल्लेखनीय हैं कि इसके पूर्व दंतेवाड़ा जिले की प्राणदायिनी नदी संकनी में भी कंपनी के टेलिंग्स डंपिंग से काफी विवाद हुआ था ।

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