नासिक कांड: ‘कैप्टन बाबा’ अशोक खरात पर यौन शोषण, ब्लैकमेल और नरबलि की आशंका, SIT जांच तेज

Mar 25, 2026 - 16:15
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नासिक कांड: ‘कैप्टन बाबा’ अशोक खरात पर यौन शोषण, ब्लैकमेल और नरबलि की आशंका, SIT जांच तेज

नासिक (आरएनआई) लिंग पिशाच अशोक खरात का नासिक कांड महाराष्ट्र की उस सड़ी-गली व्यवस्था का जीता-जागता प्रमाण है, जहां एक रिटायर्ड मर्चेंट नेवी कैप्टन खुद को 'कैप्टन बाबा', 'सिद्ध पुरुष' और अंकशास्त्री बताकर महिलाओं को नशीले पदार्थ (ओश्नो जल ) पिला-पिला कर, हिप्नोटाइज कर, नकली सांप और बाघ की खाल दिखाकर डराता रहा और 'पति मर जाएगा' जैसी भयानक धमकियां देकर तीन साल से ज्यादा (2022 से दिसंबर 2025 तक) यौन शोषण करता रहा। सरकारी वकील ने कोर्ट में खुलेआम दावा किया कि खरात की पिस्तौल से पांच गोलियां दागी गईं, जो कथित तौर पर इन जघन्य नरबलि (human sacrifice) अनुष्ठानों में इस्तेमाल हुईं, पुलिस रेड में फार्महाउस से पिस्तौल, जिंदा कारतूस, खर्च हुए कारतूस और अघोरी सामग्री बरामद हुई, जिससे मानव बलि का शक और गहरा गया। यह कोई साधारण बलात्कार का केस नहीं, बल्कि अघोरी तंत्र-मंत्र, काला जादू, ब्लैकमेल और मानव बलि का एक भयानक नेटवर्क है, जिसने 67 साल के इस ढोंगी को 30 साल तक युवतियों का शिकार बनने दिया। पुलिस कस्टडी 29 मार्च 2026 तक बढ़ा दी गई है, लेकिन सवाल यह है, कितनी देर तक यह नर पिशाच कानून की आड़ में छिपा रहेगा, जबकि SIT की जांच में अब और पीड़िताएं सामने आ रही हैं और उसके 1500 करोड़ की संपत्ति के दस्तावेज भी जब्त हो चुके हैं? खरात ने महिलाओं को डराने के लिए नकली सांप, बाघ की खाल, वशीकरण और पूजा-पाठ के नाम पर नशीला पदार्थ पिलाया, फिर उनका यौन शोषण किया और हिडेन कैमरों से रिकॉर्ड कर ब्लैकमेल करता था। पुलिस रेड में उसके मिरगांव फार्महाउस, टिकड़े कॉलोनी बंगले और कनाडा कॉर्नर ऑफिस से DVR, लैपटॉप और पेन ड्राइव बरामद हुए, जिनमें शुरू में 58 महिलाओं के आपत्तिजनक वीडियो थे, लेकिन अब SIT ने 100 से ज्यादा वीडियो की पुष्टि की है, ये सब ब्लैकमेल का हथियार थे। एक गर्भवती पीड़िता (सात महीने की प्रेग्नेंट) ने तो टॉर्चर की शिकायत दर्ज कराई, जहां खरात ने शादी से पहले और बाद में उसे धमकाया, पति को बाहर बिठाकर ऑफिस में रेप किया और 'स्वस्थ बच्चा' के नाम पर अनुष्ठान का ढोंग रचा। अब तक छह FIR दर्ज हो चुकी हैं, तीन सरकारवाड़ा पुलिस स्टेशन में, और SIT की जांच में स्टाफ नीरज जाधव के फोन से 40 महिलाओं के नंबर मिले हैं, जिससे और खुलासे होने वाले हैं। यह ढोंगी बाबा का साम्राज्य सिर्फ धोखे पर नहीं, बल्कि खून, हिंसा और करोड़ों की प्रॉपर्टी (फार्महाउस, मंदिर ट्रस्ट, सिन्नर की जमीन) पर टिका था, जहां शिवनिक संस्थान के जरिए दारणा डैम का पानी चुराकर आम के बागान सींचा जाता रहा। कोर्ट में सरकारी वकील शैलेंद्र बागड़े ने साफ कहा, खरात की पिस्तौल से पांच गोलियां दागी गईं, जो नरबलि जैसे कृत्यों से जुड़ी हो सकती हैं, और महाराष्ट्र के 'नरबलि एवं अघोरी प्रथा प्रतिबंध अधिनियम' के तहत मामला दर्ज है। यह दावा सुनकर कोर्ट में खलबली मची, क्योंकि बरामद सामग्री में कस्तूरी, सरकारी सील, हथियार और खर्चे हुए कारतूस मिले हैं। SIT, जिसकी कमान IPS तेजस्विनी सत्पुते के हाथ में है, अब इशानेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी और वॉचमैन से पूछताछ कर रही है, सात घंटे तक नीरज जाधव से भी पूछताछ हुई। खरात के मिरगांव फार्महाउस, टिकड़े कॉलोनी और कनाडा कॉर्नर से CCTV DVR, 8 लाख नकदी और 50 से ज्यादा प्रॉपर्टी दस्तावेज (कुल 1500 करोड़ तक के) जब्त किए गए। जांच सिर्फ यौन शोषण तक सीमित नहीं, उसके राजनीतिक पहुंच, 52 प्रॉपर्टीज और सिन्नर की जमीन की भी पड़ताल हो रही है। पांच नरबलियों का शक अब सिर्फ अटकल नहीं, बल्कि ठोस सबूतों का संकेत है, जो इस नर पिशाच को फांसी या उम्रकैद तक ले जा सकता है। खरात की असली ताकत उसकी राजनीतिक पहुंच थी, एक समय एक्नाथ शिंदे ने 2022 में उनकी पत्नी और मंत्रियों राधाकृष्ण विके पाटील, दीपक केसरकर के साथ मिरगांव मंदिर में पूजा की, महिला आयोग प्रमुख रूपाली चाकणकर ने उसके पैर धोए, और अमित शाह जैसे नेताओं की तस्वीरें भी वायरल हैं। लेकिन अब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस खुद कह रहे हैं कि कोई नहीं बचेगा, जबकि UBT शिवसेना इसे 'खरात फाइल्स' बता रही है, महाराष्ट्र का 'एपस्टीन स्कैंडल'। फिर भी सवाल उठता है, यह 'कैप्टन बाबा' इतने सालों तक महाराष्ट्र की सत्ता के करीब कैसे रहा? उसका शिवनिक संस्थान दारणा डैम का पानी चुराकर आम के बागान सींचता रहा, जिस पर अब GR रद्द कर जांच शुरू हुई। यह साबित करता है कि भारत में ढोंगी बाबाओं का साम्राज्य सिर्फ अंधविश्वास पर नहीं, बल्कि सत्ता के संरक्षण पर खड़ा होता है, नेता उनके 'भविष्यवाणी' और नंबरॉलॉजी के जाल में फंसते हैं, पुलिस-प्रशासन आंखें मूंद लेता है। खरात जैसे नर पिशाच तभी फलते-फूलते हैं, जब राजनीतिक एलिट उनके फार्महाउस और मंदिर ट्रस्ट में आशीर्वाद लेने जाती है। SIT की जांच तेज हुई है, मंदिर पुजारी-वॉचमैन से पूछताछ, स्टाफ नीरज जाधव से आमने-सामने सात घंटे की पूछताछ, और खरात के काउंटर केस (दो लोगों पर ब्लैकमेल) अब उल्टा फंस रहा है। तीन महिलाएं पहले ही पुलिस के पास पहुंच चुकी हैं, एक गर्भवती पीड़िता समेत, और CM फडणवीस ने पीड़िताओं को आगे आने का आह्वान किया। यह केस महाराष्ट्र के 'एपस्टीन फाइल्स' जैसा बनता जा रहा है, जहां एक कैप्टन ने मर्चेंट नेवी की यूनिफॉर्म उतारकर तांत्रिक चोगा पहन लिया और 200 से 1500 करोड़ का साम्राज्य (लक्जरी बंगले, फार्महाउस, मंदिर) खड़ा कर लिया। पुलिस हिरासत में भी वह अपनी भोंदूगिरी नहीं छोड़ रहा,पुलिसवालों को भविष्य बताने की कोशिश कर रहा है, जबकि एक वायरल वीडियो में वह लंगड़ाते हुए पुलिस के सहारे चलता दिखा। गिरफ्तारी सिर्फ शुरुआत है; पूरी जांच में और खुलासे होने वाले हैं, जिसमें राजनीतिक फाइलें भी खुल सकती हैं। पीड़ित महिलाओं की हिम्मत सराहनीय है, एक 35 वर्षीय महिला ने तीन साल के लगातार शोषण की शिकायत की, गर्भवती महिला ने रेप और टॉर्चर का दर्द बयान किया, और अब दर्जनों वीडियो लीक होने से सच्चाई उजागर हो रही है। लेकिन सिस्टम की नाकामी चुभती है, 30 साल तक यह नर पिशाच खुलेआम चलता रहा, राजनीतिक एलिट उसके पैर छूती रही, और नासिक जैसे पवित्र शहर में अघोरी कृत्य चलते रहे। SIT ने अब 40 महिलाओं के संपर्क में आने की पुष्टि की है, और पुलिस ने पीड़िताओं को सुरक्षा देने का वादा किया है। यह केस उन लाखों महिलाओं का प्रतिनिधित्व करता है, जो ढोंगी बाबाओं के जाल में फंसकर चुप रह जाती हैं, धमकी, ब्लैकमेल और 'दैवी शक्ति' के नाम पर। अब समय आ गया है कि कानून न सिर्फ खरात को सजा दे, बल्कि ऐसे सभी 'बाबाओं' की कमर तोड़े, जिनके फार्महाउस हिडेन कैमरों और अघोरी सामग्री से भरे पड़े हैं। अंत में, अशोक खरात का पतन भारत के अंधविश्वास, सत्ता-धर्म के गठजोड़ और महिलाओं के शोषण का चेहरा है। पांच नरबलियों का शक, 100+ वीडियो, हथियार, अघोरी सामग्री और 1500 करोड़ की संपत्ति, यह सब साबित करता है कि 'दैवी शक्तियां' नाम की आड़ में कितना नरक छिपा होता है। अगर SIT सही से काम करे, राजनीतिक संरक्षण हटे और न्यायपालिका मजबूत रहे, तो यह केस न सिर्फ खरात को जेल भेजेगा, बल्कि पूरे देश में ढोंगी बाबाओं के कारोबार पर लगाम लगाएगा। वरना, नर पिशाच बदल जाएंगे, लेकिन नरक जारी रहेगा। महाराष्ट्र की जनता और न्यायपालिका को अब फैसला करना है, क्या हम भूत-प्रेत, नरबलि और काले जादू के नाम पर खून बहाते रहेंगे, या आधुनिक भारत बनाएंगे जहां कानून सबसे ऊपर होगा और हर 'सभी भोदू बाबाओं की सत्ता का अंत होगा? यह स्कैंडल सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि सिस्टम की सड़ाध को उजागर करने का मौका है।

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