मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा रक्त कोष केंद्र का किया आकस्मिक निरीक्षण
गुना (आरएनआई) कलेक्टर के निर्देशनानुसार आज मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजकुमार ऋषिश्वर द्वारा रक्त कोष केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण का उद्देश्य रक्त कोष में संचालित सेवाओं की गुणवत्ता, सुरक्षा एवं अभिलेख संधारण की स्थिति का मूल्यांकन करना था।
निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि रक्त प्रदाय फॉर्म पूर्ण रूप से संधारित नहीं थे, कई प्रपत्रों में नाम एवं पद स्पष्ट रूप से अंकित नहीं थे तथा अभिलेख अधूरे एवं असंगठित पाए गए। इस पर रक्तदाता से संबंधित समस्त आवश्यक जानकारी पूर्ण, स्पष्ट एवं अद्यतन रूप में संधारित करने के सख्त निर्देश दिए गए। साथ ही यह भी निर्देशित किया गया कि पूर्व में रक्तदान हेतु आए व्यक्तियों का रक्त किस कारण से नहीं लिया गया, इसका स्पष्ट उल्लेख अभिलेखों में किया जाना सुनिश्चित किया जाए।
निरीक्षण के दौरान सेफ ट्रांस सॉफ्टवेयर पर दर्ज रक्तदाताओं की जानकारी का परीक्षण किया गया। रक्तदान से पूर्व आवश्यक जांचों एवं सावधानियों की प्रक्रिया का रिहर्सल के माध्यम से प्रत्यक्ष अवलोकन किया गया, ताकि मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का पूर्णतः पालन सुनिश्चित हो सके।
रक्त संग्रह प्रक्रिया में डिजिटल वेट मशीन के नियमित उपयोग के निर्देश दिए गए तथा यह भी स्पष्ट किया गया कि रक्त लेते समय यह पूर्ण रूप से सुनिश्चित किया जाए कि रक्तदाता किसी भी प्रकार के संक्रमण से मुक्त हो।
अप्रैल माह से वर्तमान तिथि तक किए गए रैपिड टेस्टों की कुल संख्या की समीक्षा की गई। साथ ही थैलेसीमिया एवं सिकल सेल रोग से पीड़ित लगभग 130 लाभार्थियों की जानकारी ली गई, जिन्हें शासन निर्देशानुसार रक्त बदले बिना (रिप्लेसमेंट फ्री) रक्त उपलब्ध कराया जा रहा है।
इसके अतिरिक्त अप्रैल से अब तक संग्रहित कुल रक्त की माह-वार स्थिति, रक्तदाता एवं अटेंडर का समुचित डेटा संधारण, तथा गर्भवती महिलाओं की रक्त आवश्यकता से संबंधित रिकॉर्ड को अद्यतन एवं सुव्यवस्थित रखने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के उपरांत सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक एवं ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. अशोक को पाई गई कमियों के त्वरित निराकरण एवं कार्य प्रणाली में गुणात्मक सुधार हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
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