अधिवक्ता पर हमले के विरोध में कलमबंद हड़ताल, गिरफ्तारी न होने पर वकीलों में आक्रोश

Wednesday, April 15, 2026 - 19:39
Updated: 4 months ago
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अधिवक्ता पर हमले के विरोध में कलमबंद हड़ताल, गिरफ्तारी न होने पर वकीलों में आक्रोश

हाथरस(आरएनआई)अधिवक्ता पर नकाबपोश बदमाशों द्वारा किये गए जानलेवा हमले में कोई गिरफ्तारी न होने पर डिस्ट्रिक्ट बार ऐसोसिएशन में आक्रोश फूट पड़ा। विरोध में अधिवक्ताओं ने बुधवार को कलमबंद हड़ताल कर अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम लागू किए जाने की मांग की। साथ अधिवक्ता पर हमला के आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग पुलिस से की।सूत्रों के मुताबिक बोते रविवार की देर रात अधिवक्ता सचिन सिसोदिया को उस वक्त नकाबपोस बदमाशों ने गोली मार दी थी, जब वह अपने गांव रसगंबा से सादाबाद स्थित अपने आवास प्रकाश नगर लौट रहे थे। उस समय घात लगाए बैठे बदमाशों ने उन पर गोली चला दी थी जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। सूचना मिलते ही इलाका पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी और उनको पहले सादाबाद स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था। जहां से गंभीर हालत में उन्हें आगरा रेफर कर दिया गया था।सचिन सादाबाद बाह्य न्यायालय और हाथरस जिला एवं सत्र न्यायालय पर प्रैक्टिस करते हैं। इस मामले में सुस्त पड़ी पुलिसिया कार्रवाई को लेकर के बुधवार को जिला एवं सत्र न्यायालय में अधिवक्ताओं ने कलम बंद हड़तालकर उसका विरोध किया और तत्काल आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की इस मौके पर अधिवक्ताओं ने 'अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम' को तत्काल लागू किए जाने की मां सरकार से की।डिस्ट्रिक्ट बार ऐसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा है कि सचिन सिसोदिया पुत्र स्व. ओमप्रकाश सिसोदिया निवासी सादाबाद पर प्राणघातक हमला करते हुए गोली मारी गई। जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हुए हैं। अधिक्ताओं का आरोप है कि अधिवक्ता पर नकाबपोश बदमाशों द्वारा किये गए जानलेवा हमले में कोई गिरफ्तारी न होने पर डिस्ट्रिक्ट बार ऐसोसिएशन में आक्रोश फूट पड़ा। विरोध में अधिवक्ताओं ने बुधवार को कलमबंद हड़ताल कर अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम लागू किए जाने और हमला के आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।अधिवक्ताओं ने 'अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम' को तत्काल लागू किए जाने की मां सरकार से की।डिस्ट्रिक्ट बार ऐसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा है कि सचिन सिसोदिया पुत्र स्व. ओमप्रकाश सिसोदिया निवासी सादाबाद पर प्राणघातक हमला करते हुए गोली मारी गई। जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हुए हैं। अधिक्ताओं का आरोप है कि अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए अब अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम लागू होना अतिआवश्यक। हमारी सरकार से मांग है कि अधिवक्ता प्रोडक्शन एक्ट जल्द से जल्द लागू किया जाए।

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