RTI कार्यकर्ता को धमकाया तो अब खैर नहीं, होगी सख्त करवाई, राजद नेता के आवेदन पर गृह विभाग ने जारी किया आदेश

Jul 3, 2025 - 20:10
Jul 3, 2025 - 20:12
 0  1.8k
RTI कार्यकर्ता को धमकाया तो अब खैर नहीं, होगी सख्त करवाई, राजद नेता के आवेदन पर गृह विभाग ने जारी किया आदेश

पटना (आरएनआई) बिहार प्रदेश में अब आरटीआई कार्यकर्ता को सूचना माँगने पर धमकाया या फिर फर्जी मुकदमा समेत किसी प्रकार से प्रताड़ित करने वालों पर सख्त करने का आदेश बिहार प्रदेश के सभी पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस अधीक्षक समेत अन्य पुलिस पदाधिकारी को बिहार पुलिस मुख्यालय ने दिया है। 
बताते चले कि छात्र राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश उपाध्यक्ष अमरेन्द्र कुमार ने आरटीआई कार्यकर्ताओं पर हमला किए जाने, फर्जी मुकदमों में फंसाने और प्रताड़ित करने के मामले में स्थानीय पुलिस, पुलिस अधीक्षक कोताही बरतने को लेकर गृह विभाग को मामला संज्ञान में 28 अप्रैल को दिया था जिसके बाद यह आदेश बिहार पुलिस मुख्यालय ने सभी आईजी,डीआईजी सभी एसएसपी,सभी रेल और यातायात एसपी को आदेश निर्गत किया है। 
     इधर अमरेन्द्र कुमार ने कहा मुजफ्फरपुर जिला समेत सभी जिलों में आरटीआई कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित करने, जानलेवा हमला और फर्जी मुकदमे में फंसाने के तथा कई आरटीआई एक्टिविस्ट का हत्या होने का भी  मामला आया था। 

     बता दें कि सूचना का अधिकार कानून के तहत किसी भी कार्यालय, जहाँ भ्रष्टाचार करने का संदेह हो या ऐसी कोई भी सरकारी योजना के राशि और खर्च राशि का ब्यौरा लेने का अधिकार भारत के प्रत्येक नागरिक को है। 
          इसी क्रम बहुत सारे आरटीआई कार्यकर्ता पर सूचना मांगने के कारण उनपर हमला समेत अन्य तरह का प्रताड़ना किया जाताहै। जिसके लिए राज्य सूचना आयोग के पोर्टल पर ऐसे कार्यकर्ताओं के लिए  Harrashment of Information Seekers एक्टिव है। 

       अमरेन्द्र कुमार ने बताया कि आयोग का ये पोर्टल महज एक मजाक मजाक का पात्र बनकर रह गया है जिसपर शिकायत करने पर भी किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं होती है। आयोग इस मामले में काफी शिथिलता बरतती है जिसके लिए एक आरटीआई कार्यकर्ता ने राज्यपाल को भी आवेदन देकर शिकायत किया है।

:::::::::सरकार का क्या है प्रावधान::::: 
◆ निदेश दिया गया है कि सूचना का अधिकार के अंतर्गत सूचना माँगने वाले आवेदकों को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा-107 के अंतर्गत फँसाने अथवा अन्य प्रकार से प्रताडित करने से संबंधित मामलों की जाँच करायी जायेगी तथा दोषी पाये जाने वाले पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों को कठोर सजा देने का प्रावधान है। 

◆ सरकारी पदाधिकारियों से यह अपेक्षा की गयी है कि वे सूचना माँगने वाले व्यक्तियों का सम्मान करते हुए सूचना उपलब्ध कराने में सकारात्मक भूमिका निभायें। इसके विपरीत आचरण करने वालों को कर्तव्य की उपेक्षा करने तथा कदाचार में लिप्त होने का दोषी माना जायेगा, जिसके लिए उनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित कर वृहत दंड भी दिया जा सकेगा। 

◆ सूचना माँगने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध झूठे आपराधिक मुकदमें दायर करने संबंधी प्राप्त शिकायत की वरीय अधिकारियों से जाँच करायी जायेगी तथा दोषी पाये गये अपराधियों के विरूद्ध गंभीरतम् अनुशासनिक कार्रवाई की जायेगी।

◆ गृह विभाग द्वारा एक हेल्प लाइन स्थापित की जायेगी जिसका टेलीफोन नम्बर प्रेस तथा अन्य माध्यम से व्यापक रूप से प्रचारित करते हुए इस प्रकार के झूठे मुकदमों से पीड़ित व्यक्तियों को शिकायत दर्ज करने का अवसर दिया जायेगा और उस पर त्वरित कार्रवाई की जायेगी। 

◆ धमकी पाने वाले अथवा हमले के शिकार सूचना का अधिकार कार्यकर्ताओं/आवेदकों की सुरक्षा एवं इसके लिए जाँच संधारित करने के संबंध में संबंधित जिला के जिला पदाधिकारी तथा आरक्षी अधीक्षक अविलंब आवश्यक कार्रवाई करेंगे। 

◆ सूचना का अधिकार कार्यकर्ताओं/आवेदकों को प्रताड़ित किये जाने तथा उन पर हमला किये जाने के मामले अभी भी प्रकाश में आ रहे हैं। इस संबंध में भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा गठित टास्क फोर्स द्वारा की गयी अनुशंसाओं / सुझावों पर विचारोपरांत उन्हें राज्य में लागू किया गया है.

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0