दसलक्षण महापर्व की क्षमा धर्म से हुई शुरुआत, मंदिरों में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
मुंगावली (आरएनआई) गुरुवार से जैन धर्म के पवित्र दशलक्षण महा पर्व की शरुआत हुई। यह पर्व आत्मशुद्धि, संयम,तप और धर्म की ओर अग्रसर होने का संदेश देता है, जैनों के इस महापर्व में जीवन में धैर्य, क्षमा,आचार, सत्य, शुद्धि, तप, त्याग, आकिंचन, ब्रह्मचर्य और सर्वोपरि धर्म का आलोक बनाये रखने के लिए जैन धर्म के दसलक्षण पर्व की शुरुआत हो चुकी है,जिसमें अब दस दिनों तक जैन अनुयाई धर्म के मार्ग पर चलेंगे साथ ही इस अवसर पर नगर के सभी जिन मंदिरों को विशेष रूप सजाया गया है वहीं सुबह सभी मंदिरों में अभिषेक,शांतिधारा के साथ पूजन आदि की क्रियाएं संपन्न की जा रही है वहीं रात्रि में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे,जैन धर्म में इस पर्व का बड़ा महत्व है जिसमें प्रत्येक दिन अलग अलग धर्म मनाया जाता है पहले दिन क्षमा का होता है जिसमें लोग एक दूसरे से क्षमा मांगकर धर्म का निर्वाहन किया जाता था,वही इसके अलावा नगर से 10 किलोमीटर दूर ग्राम कंजिया में श्री संभवनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में भी दसलक्षण पर्व पर अभिषेक,शांतिधारा ओर पूजन की जा रही है जिसमें नगर के बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर धर्म लाभ ले रहे है।
लाल मंदिर स्थित श्री पार्श्वनाथ जिन मंदिर में आज सैकड़ों लोगों ने अभिषेक शांति धारा के साथ पूजन अर्चना की,जिसमे महिलाओं ने भी हिस्सा लिया।
राकेश जैन मामा ने इस पर्व के शुरुआत होने पर सभी से निवेदन करते हुए कहा कि सभी लोग इन दस दिनों में तप,त्याग कर राग देश को खत्म कर,अपना धर्म ध्यान करे व शक्ति अनुरूप सभी दान,उपवास व अन्य क्रियाए मिलकर करे।
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