अघोरी पीठाधीश्वर कपाली महाराज द्वारा किया गया अनुष्ठान सफल, पश्चिम बंगाल पर दिया महत्वपूर्ण बयान
वाराणसी (आरएनआई) अघोरपीठ हरिश्चंद्र घाट काशी के श्मसान पीठाधीश्वर अवधूत उग्र चण्डेश्वर कपाली महाराज द्वारा लोक कल्याणार्थ विशेष अनुष्ठान संपन्न कराया गया। विशेष धार्मिक अनुष्ठान पूर्ण विधि-विधान, आस्था एवं आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ श्मसान पीठ हरिश्चंद्र घाट में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं साधकों की उपस्थिति रही, जिन्होंने अनुष्ठान में भाग लेकर आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त किया।अनुष्ठान के उपरांत मीडिया से बातचीत करते हुए अवधूत कपाली महाराज ने पश्चिम बंगाल की राजनीतिक परिस्थितियों पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वहां की पूर्ववर्ती सरकारें—चाहे कांग्रेस रही हो, वामपंथी या तृणमूल कांग्रेस—सनातन संस्कृति के संरक्षण में अपेक्षित भूमिका निभाने में असफल रही हैं, जिससे आम जनमानस में असंतोष की भावना उत्पन्न हुई। भाजपा के बढ़े समर्थन के पीछे कारण बताते हुए कहा कि भाजपा जनता में अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को सुरक्षित रखने की भावना मजबूत हुई है।
लंबे समय से चली आ रही तुष्टिकरण की राजनीति से लोगों में असंतोष बढ़ा और भाजपा की राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत नेतृत्व और स्पष्ट विचारधारा ने लोगों को आकर्षित किया है।
केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभाव भी जनता के निर्णय में देखने को मिला है।नारी शक्ति वन्दन अधिनियम का काफी प्रभाव मातृ-शक्तियों के बीच रहा।
कपाली महाराज ने कहा कि इन सभी कारणों से पश्चिम बंगाल में जनता पारंपरिक राजनीतिक विकल्पों से आगे बढ़कर भाजपा की ओर झुकी है और उसे समर्थन दिया है।
उन्होंने आगे कहा कि यह परिवर्तन केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक एवं सामाजिक चेतना का भी प्रतीक है। देशभर में सनातन परंपरा के प्रति आस्था निरंतर बढ़ रही है और लोग अपनी सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण के प्रति अधिक सजग हो रहे हैं।अनुष्ठान की सफलता पर उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा, आध्यात्मिक जागरूकता और सांस्कृतिक एकता को मजबूत करने का कार्य करते हैं।
इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने अनुष्ठान को अत्यंत दिव्य एवं प्रेरणादायक बताया तथा भविष्य में भी ऐसे आयोजनों की निरंतरता की आवश्यकता पर बल दिया।
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