चतुर्वेदी समाज के स्तंभ और उद्योग जगत के दिग्गज एस. एन. चतुर्वेदी का निधन
चतुर्वेदी समाज के शीर्ष मार्गदर्शक, प्रेरणास्रोत और एटीवी प्रोजेक्ट्स इंडिया के संस्थापक एस. एन. चतुर्वेदी का निधन हो गया। उनके जाने से न सिर्फ परिवार, बल्कि उद्योग जगत और समस्त चतुर्वेदी समाज में गहरा शोक व्याप्त है।
मथुरा (आरएनआई) चतुर्वेदी समाज के शीर्ष मार्गदर्शक, प्रेरणास्रोत और एटीवी प्रोजेक्ट्स इंडिया के संस्थापक एस. एन. चतुर्वेदी का निधन हो गया। उनके जाने से न सिर्फ परिवार, बल्कि उद्योग जगत और समस्त चतुर्वेदी समाज में गहरा शोक व्याप्त है।
श्री चतुर्वेदी, स्वतंत्रता सेनानी स्व. श्री विट्ठलदास पाठक और स्व. श्रीमती कुंजलता विट्ठलदास पाठक के पुत्र थे। उनके पिता विट्ठलदास पाठक गुजरात में कई समुदायों के धार्मिक गुरु और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रहे, जबकि माता कुंजलता पाठक समाजसेवा और “सच्ची आयरन लेडी” के रूप में जानी जाती थीं।
मथुरा की मिट्टी से निकलकर वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाने वाले श्री चतुर्वेदी चतुर्वेदी समाज के प्रथम सफल उद्योगपतियों में गिने जाते थे।
श्री चतुर्वेदी ने वर्ष 1978 में एटीवी प्रोजेक्ट्स इंडिया की स्थापना की थी। बाद में 1987 में इसे पब्लिक लिमिटेड कंपनी के रूप में स्थापित किया गया।
उनके नेतृत्व में कंपनी ने शुगर, पावर, फूड एंड डेयरी, सीमेंट, न्यूक्लियर और केमिकल-फर्टिलाइज़र जैसे कई क्षेत्रों में कार्य किया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई।
श्री चतुर्वेदी के कार्यकाल में एटीवी प्रोजेक्ट्स इंडिया ने नीदरलैंड्स, जापान, फ्रांस और ब्राज़ील की शीर्ष कंपनियों के साथ तकनीकी सहयोग स्थापित किया, जिससे मथुरा में अत्याधुनिक औद्योगिक परियोजनाओं को बढ़ावा मिला।
व्यवसाय के साथ-साथ वे एक दार्शनिक विचारक, राजनीतिज्ञ, परोपकारी और आध्यात्मिक मार्गदर्शक भी थे। उन्होंने समाज में नैतिक मूल्यों, आत्मविकास और सेवा की भावना को प्रोत्साहित किया।
चतुर्वेदी समाज में उन्हें “पथप्रदर्शक और “पुनर्जागरण पुरुष” के रूप में जाना जाता था, जिन्होंने “कुंजलता विट्ठलदास पाठक परिवार” तथा सम्पूर्ण मथुरा-आधारित चतुर्वेदी समुदाय को नई दिशा प्रदान की।
उनके परिवार में पत्नी श्रीमती अरुणा चतुर्वेदी, जो गृहिणी एवं परिवार में “धर्म माता” के रूप में सम्मानित हैं, तथा पुत्र एवं पुत्रियाँ हैं, जो पारिवारिक और व्यावसायिक दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं।
परिजन दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं और परिवार को इस दुःख को सहने की शक्ति देने की कामना कर रहे हैं।
समाज के लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा— “युगपुरुष, समाज के स्तंभ, चतुर्वेदी समाज के प्रथम सफल उद्योगपति, श्री श्री नाथजी चतुर्वेदी पाठक जी हमारे बीच नहीं रहे। उनका जाना सम्पूर्ण समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनका जीवन कर्म, संयम और सेवा का प्रतीक था। उनके आदर्श सदैव हमें प्रेरित करते रहेंगे। ऐसे युगपुरुष को शत्–शत् नमन।”
श्री चतुर्वेदी का अंतिम संस्कार कल पारिवारिक उपस्थिति में संपन्न होगा।
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