ग्रेटर नोएडा में लापरवाही का कहर: खुले गड्ढे में डूबने से तीन साल के मासूम की मौत, बैरिकेडिंग न होने का आरोप
ग्रेटर नोएडा (आरएनआई)। ग्रेटर नोएडा में एक बार फिर लापरवाही ने जान ले ली। गांव दलेलगढ़ में खुले और पानी से भरे गड्ढे में गिरकर तीन साल के मासूम देवांश की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में मातम पसर गया और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर लोगों में गहरा आक्रोश है।
जानकारी के मुताबिक देवांश अपने मामा के घर एक धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होने आया था। शनिवार दोपहर भंडारे के दौरान वह अन्य बच्चों के साथ खेलते-खेलते करीब छह से सात फीट गहरे गड्ढे में गिर गया। कुछ देर तक जब वह दिखाई नहीं दिया तो परिजनों ने तलाश शुरू की। तभी पास ही गड्ढे में भरे पानी में उसकी टोपी नजर आई। ग्रामीणों ने तुरंत पानी में उतरकर बच्चे को बाहर निकाला और अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि यह गड्ढा पशुचर भूमि पर है और लंबे समय से जानलेवा बना हुआ था। उनका कहना है कि मिट्टी निकालने के चलते यहां गड्ढा बनता गया, जिसमें बारिश और नालियों का पानी भरता रहा। कई बार ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से तारबंदी या सुरक्षा इंतजाम की मांग की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बैरिकेडिंग न होने के कारण बच्चे समेत कोई भी इसमें गिर सकता था।
घटना की सूचना पर प्रशासन हरकत में आया। सदर तहसीलदार और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे, जबकि रविवार को उपजिलाधिकारी ने भी निरीक्षण किया। प्राधिकरण की टीम ने जांच के बाद दावा किया कि संबंधित गड्ढा खसरा संख्या 373 की जमीन पर है, जो किसानों की निजी भूमि बताई जा रही है, इसलिए प्राधिकरण सीधे कार्रवाई नहीं कर सकता। हालांकि ग्रामीण इस दावे से असहमत हैं और जमीन को पशुचर बताते हुए जिम्मेदारी तय करने की मांग कर रहे हैं।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में खुले गड्ढों और निर्माण स्थलों पर सुरक्षा इंतजामों की कमी से कई हादसे सामने आ चुके हैं। देवांश की मौत ने एक बार फिर प्रशासनिक निगरानी और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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