महा शिवरात्रि पर आस्था का संदेश: अरविंद केजरीवाल और भगवंत सिंह मान ने श्री रंकेश्वर महादेव मंदिर में टेका माथा, पंजाब की शांति-खुशहाली की कामना
(सुरेश रहेजा, परवीन कुमार, साहिल रहेजा)
धूरी (आरएनआई) महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने धूरी विधानसभा क्षेत्र में स्थित पूज्य श्री रंकेश्वर महादेव मंदिर में मत्था टेका। ऐतिहासिक सिद्ध पीठ में पूजा-अर्चना के दौरान दोनों नेताओं ने पंजाब और देश की शांति, खुशहाली, भाईचारे और निरंतर तरक्की के लिए प्रार्थना की। मंदिर परिसर में श्रद्धा और आस्था का वातावरण बना रहा, जहां महादेव की भक्ति में लीन श्रद्धालुओं के साथ नेताओं ने भी आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया।
इस अवसर पर अरविंद केजरीवाल ने महाशिवरात्रि को भारत की प्राचीन आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व बताया। उन्होंने कहा कि यह त्योहार आत्मशुद्धि, भक्ति और सत्य की खोज की प्रेरणा देता है। केजरीवाल ने कामना की कि भगवान भोलेनाथ की कृपा हर नागरिक पर बनी रहे और देश व पंजाब विकास और समृद्धि के पथ पर आगे बढ़ता रहे। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा संदेश में उन्होंने लिखा कि श्री रंकेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना करना उनके लिए सौभाग्य की बात है और महादेव की दिव्य ऊर्जा मन को शांति और आत्मा को नई शक्ति प्रदान करती है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भी इस मौके पर पंजाब की समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि पंजाब ने हमेशा अपनी विरासत को गर्व और श्रद्धा के साथ संजोया है—चाहे वह श्री गुरु तेग बहादुर जी का शहीदी दिवस हो या श्री गुरु रविदास जी की जयंती। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है, ताकि वे राज्य की गौरवशाली सांस्कृतिक पहचान को समझ सकें और आगे बढ़ा सकें।
दोनों नेताओं ने श्री रंकेश्वर महादेव मंदिर के ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मालवा क्षेत्र का यह सिद्ध पीठ भारतीय सभ्यता की गहरी आध्यात्मिक परंपरा से जुड़ा हुआ है और मान्यताओं के अनुसार इसका संबंध महाभारत काल से भी जोड़ा जाता है। ऐसी मान्यता है कि यहीं अर्जुन ने भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए कठोर तपस्या की थी, जिसके फलस्वरूप उन्हें दिव्य आशीर्वाद प्राप्त हुआ। नेताओं के अनुसार, सदियों की तपस्या और भक्ति से सिद्ध पीठों में विशेष आध्यात्मिक शक्ति का संचार माना जाता है, जो आज भी लोगों को आस्था से जोड़ती है।
महाशिवरात्रि के व्यापक सांस्कृतिक महत्व पर जोर देते हुए अरविंद केजरीवाल और भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठान भर नहीं है, बल्कि यह भारत की महान सभ्यता, आध्यात्मिक जागृति और आत्म-अनुशासन का प्रतीक है। भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य मिलन की स्मृति में मनाया जाने वाला यह त्योहार समाज में पवित्रता, प्रेम और मेलजोल की भावना को मजबूत करता है। नेताओं ने कहा कि ऐसे आयोजनों से न केवल धार्मिक परंपराओं की निरंतरता बनी रहती है, बल्कि क्षेत्रीय पहचान और सामाजिक एकता भी सुदृढ़ होती है।
अंत में दोनों नेताओं ने भरोसा दिलाया कि पंजाब सरकार युवाओं को राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहीदी वर्षगांठ को ऐतिहासिक तरीके से मनाने के बाद अब सरकार श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को भी भव्य रूप से मनाने की तैयारी कर रही है। उनका उद्देश्य है कि आने वाली पीढ़ियां पंजाब की गौरवशाली आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत से परिचित हों और उसे आगे बढ़ाने में गर्व महसूस करें।
Follow RNI News Channel on WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029VaBPp7rK5cD6X
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0



