अंबाला (आरएनआई)। अंबाला छावनी के मॉल रोड स्थित सैन्य क्षेत्र के जर्जर बंगला नंबर 101 से एक 15 वर्षीय किशोर को रेस्क्यू किए जाने का मामला सामने आया है। यह कार्रवाई शुक्रवार को पुलिस और सेना की खुफिया एजेंसियों की मौजूदगी में सामाजिक संगठन वंदे मातरम् दल की टीम ने संयुक्त रूप से की। बताया जा रहा है कि मानसिक रूप से अस्वस्थ यह किशोर पिछले लगभग एक वर्ष से इस खस्ताहाल इमारत में छिपकर रह रहा था।
रेस्क्यू के दौरान टीम ने बंगले के सभी कमरों की बारीकी से तलाशी ली। अंत में वे एक ऐसे कमरे तक पहुंचे, जहां छत के पास सीमेंट की स्लैब बनी हुई थी। आवाज देने पर कुछ देर बाद किशोर नींद से जागा। आसपास पुलिस और अन्य लोगों को देखकर वह घबरा गया, लेकिन टीम ने उसे शांत कराया और समझाकर सुरक्षित नीचे उतारा। उसके पास मौजूद सामान की जांच की गई, लेकिन किसी प्रकार की संदिग्ध वस्तु या दस्तावेज बरामद नहीं हुए।
जांच के दौरान टीम की नजर स्लैब के पास दीवार पर लिखे कुछ नंबरों पर भी गई, जो दो से लेकर 24 तक अंकित थे। मुख्य दरवाजे के पास दीवार पर कुछ मोबाइल नंबर भी लिखे मिले। इन नंबरों को खुफिया एजेंसियों ने अपने रिकॉर्ड में दर्ज कर लिया है ताकि आगे इनसे संपर्क कर जानकारी जुटाई जा सके। फिलहाल इन नंबरों के पीछे की सच्चाई की जांच जारी है।
वंदे मातरम् दल के सदस्य भरत ने बताया कि कुछ दिन पहले उनकी टीम ने इसी इलाके के पास से एक लावारिस व्यक्ति को उपचार के लिए नागरिक अस्पताल पहुंचाया था। उसी दौरान उन्हें इस किशोर के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद टीम ने सावधानीपूर्वक योजना बनाकर लगभग एक सप्ताह तक उसकी गतिविधियों पर नजर रखी, ताकि रेस्क्यू के दौरान कोई चूक न हो।
रेकी के दौरान यह भी सामने आया कि किशोर रोज रात करीब 9 बजे बंगले से बाहर निकलता था। वह मॉल रोड होते हुए गोल चक्कर तक जाता और होटलों व दुकानों से मांगकर खाना जुटाता था। देर रात लगभग एक बजे वह वापस उसी जर्जर कोठी में लौट जाता था। चूंकि वह अधिकतर रात में ही बाहर निकलता था, इसलिए लंबे समय तक लोगों का ध्यान इस ओर नहीं गया।
रेस्क्यू के समय सुरक्षा व्यवस्था के तहत बीसी बाजार चौकी प्रभारी सुखबीर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। फिलहाल किशोर को वंदे मातरम् दल ने संरक्षण में लिया है। इस पूरी कार्रवाई में एसपी कार्यालय से भी सहयोग मिला। अधिकारियों का कहना है कि मौके से कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली है, लेकिन दीवारों पर लिखे नंबरों और अन्य पहलुओं की जांच जारी है।