गुना में बाहरी भसुआ पर कार्रवाई की आड़ में उगाही के आरोप, फड़ संचालक सहमे
गुना (आरएनआई) दिवाली से ठीक पहले गुना शहर में बाहर से आए भसुआ (रेत-जैसी मिट्टी) के कारोबार को लेकर कार्रवाई का भय पैदा किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, कुछ विभागीय दबाव और कार्रवाई के डर से कई दुकानदारों ने जमीन पर भसुआ समतल करवा दिया, ताकि वे जांच या जप्ती से बच सकें।
दलालों की सक्रियता, प्रति फड़ 1.5 लाख की मांग!
स्थानीय सूत्रों का दावा है कि इस पूरी कार्रवाई की आड़ में कुछ बिचौलिए सक्रिय हो गए हैं। आरोप है कि उन्होंने प्रत्येक फड़ संचालक से करीब डेढ़ लाख रुपये की मांग रखी है ताकि कार्रवाई न हो।
लागत vs उगाही का गणित
भसुआ की सप्लाई पहले से ही जोखिम भरी और महंगी मानी जाती है—
एक ट्रक भसुआ की लागत: ₹65,000 (वह भी दो नंबर में)
प्रति ट्रक बचत: ₹5,000 से ₹7,000
संभावित मांगी जा रही रकम: ₹1,50,000 प्रति फड़
ऐसे में दहशत और आर्थिक दबाव साफ झलक रहा है।
किन-किन विभागों का नाम सामने?
भसुआ की आवाजाही वैसे ही कई विभागों की निगरानी में रहती है। इस मामले में निम्न विभागों का संदर्भ सामने आया है:
खनिज विभाग
ट्रैफ़िक पुलिस
राजस्व अधिकारी
सूत्रों की मानें तो इन्हीं विभागों की “सख्ती” का हवाला देकर भय का माहौल बनाया जा रहा है।
कलेक्टर से हस्तक्षेप की मांग
स्थानीय व्यापारी और प्रभावित फड़ संचालकों की ओर से कलेक्टर को अपील की गई है कि—
यह पता लगाया जाए कि
कौन-सा विभाग कार्रवाई का डर दिखाकर वसूली कर रहा है?
इसमें
कौन-कौन अधिकारी या कर्मचारी लिप्त हैं?
गुना को
त्योहारी सीजन में भ्रष्टाचार से राहत दिलाई जाए।
दिवाली से ठीक पहले बढ़ी बेचैनी
कार्रवाई, दबाव और कथित उगाही की वजह से कई छोटे व्यापारी डर के माहौल में हैं। दिवाली जैसे महत्वपूर्ण व्यापारिक समय में ऐसी स्थितियों ने सवाल खड़े कर दिए हैं।
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