केरल में 6 लाख अभिभावकों को AI सिखाएगी सरकार, तकनीक के फायदे बताएगी और खतरों के प्रति करेगी सतर्क
तिरुवनंतपुरम (आरएनआई)। केरल सरकार ने डिजिटल युग में नागरिकों को जागरूक और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल शुरू की है। राज्य के शिक्षा विभाग की तकनीकी शाखा केरल इंफ्रास्ट्रक्चर एंड टेक्नोलॉजी फॉर एजुकेशन (KITE) ने ‘सर्वम एआई मयम’ (अर्थात एआई सर्वत्र है) नाम से देश का सबसे बड़ा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस साक्षरता अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत सरकारी स्कूलों के छात्र लगभग 6 लाख अभिभावकों को एआई के उपयोग, इसके लाभ और इससे जुड़े खतरों के बारे में प्रशिक्षित करेंगे।
यह कार्यक्रम 30 जून 2026 तक चलेगा। इसके लिए राज्यभर में फैली ‘लिटिल काइट्स’ आईटी क्लब की 2,200 यूनिट्स को जोड़ा गया है। हर यूनिट औसतन 300 अभिभावकों को प्रशिक्षण देगी। खास बात यह है कि इस पहल में छात्र स्वयं प्रशिक्षक की भूमिका निभाएंगे और अभिभावकों को एआई की बुनियादी समझ देंगे।
प्रशिक्षण मॉड्यूल करीब दो घंटे का होगा, जिसमें एआई के फायदों के साथ-साथ इसके जोखिमों पर भी विस्तार से चर्चा की जाएगी। KITE के सीईओ अनवर सदाथ के अनुसार, प्रशिक्षण की शुरुआत मशीन लर्निंग के सरल परिचय से होगी। इसे रोचक बनाने के लिए राजा रवि वर्मा की प्रसिद्ध पेंटिंग्स को एआई आधारित एनिमेशन के जरिए जीवंत रूप में दिखाया जाएगा, ताकि तकनीक को सहज तरीके से समझाया जा सके।
इस प्रशिक्षण के दौरान अभिभावकों को स्मार्टफोन के जरिए रोजमर्रा की जिंदगी में एआई के इस्तेमाल की जानकारी दी जाएगी। वे सीखेंगे कि एआई टूल्स की मदद से घर में उपलब्ध सामग्री से रेसिपी कैसे तैयार की जा सकती है, पक्षियों और पौधों की पहचान कैसे की जा सकती है, दूसरी भाषाओं का अपनी भाषा में अनुवाद कैसे किया जा सकता है। इसके अलावा, कविता लिखना, यात्रा की योजना बनाना और पुरानी तस्वीरों को बेहतर बनाना जैसे व्यावहारिक प्रयोग भी सिखाए जाएंगे।
केवल फायदे ही नहीं, बल्कि डिजिटल दुनिया के खतरों पर भी खास जोर दिया जाएगा। प्रशिक्षण में डीपफेक वीडियो, फर्जी तस्वीरें और क्लोन की गई आवाजों की पहचान के तरीके बताए जाएंगे, ताकि लोग ऑनलाइन धोखाधड़ी और फेक न्यूज से खुद को बचा सकें। साथ ही अभिभावकों को ‘समग्र प्लस लर्निंग रूम’ नामक एआई आधारित शैक्षणिक प्लेटफॉर्म की जानकारी दी जाएगी, जिसे KITE ने तैयार किया है, ताकि वे अपने बच्चों की पढ़ाई में बेहतर सहयोग कर सकें।
अधिकारियों के मुताबिक, यह अभियान वर्ष 2023-24 में 4 लाख अभिभावकों को दिए गए साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण का अगला चरण है। इसमें नवीनतम सुरक्षा मानकों को शामिल किया गया है, जिनमें आईटी इंटरमीडियरी अमेंडमेंट रूल्स 2026 भी शामिल हैं, जो 20 फरवरी 2026 से लागू होंगे।
सरकार का कहना है कि ‘सर्वम एआई मयम’ का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को एआई और डिजिटल तकनीक के प्रति जागरूक बनाना है, ताकि वे तकनीक का सही उपयोग कर सकें और असलियत व धोखे के बीच फर्क समझ सकें।
Follow RNI News Channel on WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029VaBPp7rK5cD6X
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0



