असम में बनेंगे 4 नए एयरपोर्ट, चीन से निपटने की रणनीति तेज; ब्रह्मपुत्र के नीचे सुरंग की भी योजना—सीएम हिमंत बिस्व सरमा
दिसपुर (आरएनआई)। असम में बुनियादी ढांचे और सामरिक तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। हिमंत बिस्व सरमा ने घोषणा की है कि राज्य में चार नए हवाई अड्डों के निर्माण की योजना बनाई जा रही है, साथ ही आपात स्थिति के लिए इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) की संख्या भी बढ़ाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। इसके अलावा, चीन सीमा से जुड़ी रणनीतिक जरूरतों को देखते हुए ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे सुरंग बनाने की महत्वाकांक्षी योजना पर भी काम किया जा रहा है।
यह घोषणा ऐसे समय में आई है, जब हाल ही में नरेंद्र मोदी ने डिब्रूगढ़ जिले के मोरान में पूर्वोत्तर भारत की पहली इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी का उद्घाटन किया था। इसके अगले ही दिन गुवाहाटी में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सीएम सरमा ने बताया कि राज्य सरकार ने केंद्र को पत्र लिखकर असम में और अधिक ELF विकसित करने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि ये सुविधाएं न सिर्फ सामरिक दृष्टि से, बल्कि बाढ़ और अन्य आपदाओं के दौरान राहत कार्यों के लिए भी बेहद अहम हैं।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि अगले महीने असम सरकार और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इसके तहत माजुली, दीफू, उमरांगसो और मानस में चार नए हवाई अड्डों के निर्माण की संभावनाओं पर विस्तृत अध्ययन कराया जाएगा। यह अध्ययन भविष्य की हवाई कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय विकास को ध्यान में रखकर किया जाएगा।
सीएम सरमा ने कहा कि मोरान में बनी ELF का असम और पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए बड़ा सामरिक महत्व है। चीन के साथ सीमा साझा करने वाले अरुणाचल प्रदेश में जहां कई रणनीतिक परियोजनाएं चल रही हैं, वहीं असम को युद्ध जैसी स्थिति में ‘बैकअप स्टेट’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इन हवाई पट्टियों पर C-130 जैसे बड़े परिवहन विमान आसानी से उतर सकते हैं और आपदा के समय भारी मात्रा में राहत सामग्री पहुंचाई जा सकती है।
मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिए कि असम में पहले से चालू एक ELF के अलावा चार-पांच और ऐसी सुविधाएं विकसित की जा सकती हैं। उल्लेखनीय है कि शनिवार को प्रधानमंत्री मोदी ने मोरान में C-130J विमान से ऐतिहासिक लैंडिंग कर इस सुविधा का उद्घाटन किया था।
इसके साथ ही केंद्र सरकार ने असम में कई अन्य बड़ी रणनीतिक परियोजनाओं को भी मंजूरी दी है। इनमें ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे ट्विन-ट्यूब सड़क-सह-रेल सुरंग और ‘चिकन्स नेक’ कॉरिडोर के नीचे भूमिगत राजमार्ग का निर्माण शामिल है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से न केवल असम की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, बल्कि राज्य की सामरिक और राष्ट्रीय सुरक्षा भूमिका भी और मजबूत होगी।
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