भाजपा नीत परिषद में पार्षदों पर सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आरोप, कांग्रेस ने उठाए गंभीर सवाल
गुना (आरएनआई) 26 सितंबर को होने वाले नगर परिषद के साधारण सम्मेलन से पहले कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि वह जनविरोधी प्रस्तावों का समर्थन नहीं करेगी। नेता प्रतिपक्ष शेखर वशिष्ठ ने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद और नपाध्यक्ष द्वारा उठाए गए कई निर्णय जनता के हित के खिलाफ हैं और इसमें शिष्टाचार की पूरी तरह अनदेखी की गई है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि शहरवासियों को जल संकट में डालने जैसे प्रस्ताव का समर्थन कांग्रेस नहीं करेगी। उन्होंने बताया कि हर साल फरवरी के अंत तक गर्मियों की वजह से शहर में पानी की खपत बढ़ जाती है और प्रशासनिक योजना के अभाव में ग्रीष्मकाल में गंभीर जल संकट गहराने लगता है। उन्होंने नपाध्यक्ष श्रीमती सविता गुप्ता से सवाल किया कि रेलवे विभाग से प्रतिदिन दस लाख लीटर पानी मुहैया कराने का निर्णय क्यों लिया गया जबकि शहरवासियों को 25 लाख लीटर पानी प्रतिदिन चाहिए।
इसके अलावा शेखर वशिष्ठ ने कहा कि पिछले साल भीषण जल संकट के समय विभागीय योजना से जनता को जल सुविधा दी गई थी। इस बार ऐसे एजेंडे को लाना अनुचित है।
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि परिषद की बैठक में पीआईसी से स्वीकृत टेंडर प्रक्रिया को अचानक रोकना पार्षदों पर दबाव बनाने की राजनीति है। इसके साथ ही शहर में सांड, मवेशी और आवारा कुत्तों की समस्या पर ध्यान न देना जनता के साथ दुर्व्यवहार जैसा है।
उन्होंने कहा कि भाजपा पार्षदों की बैठक के अंदरूनी विवाद और सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में पार्षदों के बीस-बीस लाख रुपए लेने के आरोप लोकतंत्र के लिए शर्मनाक हैं। बावजूद इसके, भाजपा ने अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की।
नेता प्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि नपा द्वारा वर्षों से आयोजित अखिल भारतीय शास्त्री स्मृति स्वर्ण कप हॉकी प्रतियोगिता को रद्द करना खेल प्रेमी जनता की भावनाओं का अपमान है। उन्होंने नपाध्यक्ष पर हठधर्मिता और जनहित के मुद्दों को दरकिनार करने का आरोप लगाया।
शेखर वशिष्ठ ने चेतावनी दी कि कांग्रेस ऐसे मुद्दों का पुरजोर विरोध करेगी और शहर के विकास तथा जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देने की मांग करेगी।
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