दो पैन कार्ड केस: सपा नेता आजम खां और बेटे अब्दुल्ला को सात-सात साल की सजा, 50-50 हजार जुर्माना; कोर्ट से तुरंत कस्टडी में भेजे गए
रामपुर (आरएनआई)। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां और उनके पुत्र व पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम को दो पैन कार्ड प्रकरण में दोषी पाए जाने पर एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट शोभित बंसल की अदालत ने सात-सात साल की सजा और 50-50 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। फैसला सुनाए जाने के बाद दोनों को मौके पर ही न्यायिक हिरासत में ले लिया गया।
सुनवाई के दौरान वादी भाजपा विधायक आकाश सक्सेना भी कोर्ट में मौजूद रहे। फैसले को देखते हुए कचहरी परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। बड़ी संख्या में भाजपा और सपा कार्यकर्ताओं की मौजूदगी के कारण परिसर के बाहर तनाव का माहौल बना रहा।
यह मामला अब्दुल्ला आजम द्वारा दो अलग-अलग जन्मतिथि दर्शाते हुए दो पैन कार्ड का उपयोग करने से जुड़ा है। आरोपों के अनुसार, अब्दुल्ला का मूल पैन कार्ड, जिसमें जन्मतिथि एक जनवरी 1993 दर्ज थी, शैक्षिक प्रमाणपत्रों के अनुरूप सही था और इसी पैन से उन्होंने आयकर रिटर्न दाखिल किए। लेकिन 2017 के स्वार-टांडा विधानसभा चुनाव के दौरान दाखिल नामांकन पत्र में उन्होंने एक दूसरा पैन कार्ड लगाया, जिसमें जन्मतिथि 30 सितंबर 1990 दर्शाई गई थी। यह पैन कार्ड कथित रूप से कूटरचित था और नामांकन के समय सक्रिय भी नहीं था।
वादी आकाश सक्सेना ने आरोप लगाया कि चुनाव आयु-योग्यता छुपाने के उद्देश्य से अब्दुल्ला आजम ने अपने पिता आजम खां के साथ षड्यंत्र कर यह दूसरा पैन कार्ड बनवाया। इसी आधार पर सिविल लाइंस थाने में दोनों के खिलाफ IPC की धारा 420, 467, 468, 471 और 120-B के तहत केस दर्ज किया गया था।
आजम खां के खिलाफ दर्ज कुल 104 मामलों में अब तक 12 में निर्णय आ चुका है, जिनमें सात मामलों में उन्हें सजा और पांच में बरी किया गया है। दो पैन कार्ड मामले में मिली यह सात साल की सजा पिता-पुत्र दोनों के लिए बड़ा राजनीतिक और कानूनी झटका मानी जा रही है।
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