यूपी में खाद संकट गहराया: जगह-जगह प्रदर्शन, पुलिस लाठियां भांजने पर मजबूर
पूरे यूपी में खाद का संकट गहराता जा रहा है। करीब-करीब सभी जिलों में यूरिया के लिए लंबी कतारें लग रही हैं।
लखनऊ (आरएनआई) कृषि विभाग का दावा है कि हर जिले में सात से 10 दिन का यूरिया का स्टॉक मौजूद है। जबकि, हकीकत यह है कि यूरिया के लिए कहीं प्रदर्शन हो रहा है तो कहीं किसान कतार में खड़े नजर आ रहे हैं। कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक करीब 16 लाख मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है, जिसमें करीब छह लाख मीट्रिक टन यूरिया मौजूद है। कई कंपनियों की रैक रास्ते में है, जो दो दिन में पहुंच जाएंगी। इस बीच कई जिलों में स्थानीय स्तर पर वितरण की नई रणनीति बनाई गई है। इसके तहत जिन समितियों पर मंगलवार को यूरिया का वितरण किया गया है, वहां बुधवार के बजाय बृहस्पतिवार को वितरण किया जाएगा। बुधवार को दूसरी समितियों पर खाद वितरण किया जाएगा। इस रोस्टर से पूरे जिले की समितियों पर खाद वितरण बारी- बारी से होता रहेगा। इस बीच मंगलवार को अयोध्या में यूरिया वितरण के दौरान हंगामा हुआ। खंडासा के कुरावन सहकारी किसान केंद्र पर पुलिस ने लाठी भाजते हुए स्थिति नियंत्रित की। साधन सहकारी समिति जजवारा अड़सठ पर धक्का-मुक्की के दौरान सचिव को चोट आई है। साधन सहकारी समिति तेलियागढ़ पर किसानों ने प्रदर्शन किया। बाराबंकी में 6599 मीट्रिक टन यूरिया मौजूद होने का दावा किया गया है। यहां रोस्टरवार समितियों पर खाद बांटने की रणनीति अपनाई गई है। बलरामपुर में साधन सहकारी समितियों पर सुबह से ही किसान लाइन लगाए नजर आए। सुल्तानपुर, अमेठी, सीतापुर, गोंडा में सुबह से ही किसान लाइन लगाए रहे।
सिद्धार्थनगर में टोकन की व्यवस्था से खाद बांटी जा रही है। बृहस्पतिवार को 1600 मीट्रिक टम अतिरिक्त यूरिया पहुंच रही है। साधन सहकारी समिति बेल्टीकर पर मंगलवार को राजस्व निरीक्षक और पुलिस की मौजूदगी में खाद बंटवाई गई। यहां की सहकारी समिति सेहुड़ा कटहना सहित अन्य समितियों पर अभी तक खाद नहीं पहुंची है। ऐसे में दूसरी समितियों पर भीड़ लग रही है। महराजगंज जिले में एक ही किसान अलग- अलग समिति पर यूरिया के लिए लाइन लगाए देखे गए हैं। इस वजह से भी समस्या बढ़ी है। देवरिया में161 समितियों पर अभी तक 17 हजार के सापेक्ष 15,636 मीट्रिक टन खाद भेजी गई है। इस वजह से यहां किसानों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
बस्ती में मंगलवार को कई स्थानों पर पीओएस मशीन का सर्वर प्रभावित रहा, जिसकी वजह से खाद का वितरण नहीं हो पाया। जिले में 24 जुलाई तक वितरण लक्ष्य की अपेक्षा 56 प्रतिशत अधिक बांट का वितरण हो गया। जांच के दौरान पता चला कि वितरण में बड़े पैमाने पर धांधली हुई थी।
सोनभद्र के कोन ब्लाक में मंगलवार को एआर कोआपरेटिव देवेंद्र प्रताप सिंह व बीडीओ जितेंद्र नाथ दुबे की मौजूदगी में यूरिया बंटवाई गई। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस भी मौजूद रही। दिनभर में करीब 200 किसानों को खाद मिली, जबकि 300 से अधिक लौट गए। समितियों पर 267 रुपये प्रति बोरी मिलने वाली यूरिया निजी दुकानदार 400 से 500 रुपये में बेच रहे हैं। किसानों को जिंक या सल्फर भी थमाया जा रहा है।
कृषि और सहकारिता विभाग के अधिकारियों के साथ खाद वितरण को लेकर बैठक की गई है। निजी कंपनियों से लगातार बात की जा रही है। दो दिन में अतिरिक्त रैक आ जाएगी। अभी भी जिलों में पर्याप्त खाद मौजूद है। किसानों से अपील है कि वे परेशान न हों। अपनी जरूरत के हिसाब से ही खाद लें। घर में न रखें। किसानों को सब्सिडी वाले उर्वरकों आसानी से मिलते रहे, इसके लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। जिला स्तर पर आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत किया जा रहा है। कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त कदम उठाए गए हैं। कृषि विभाग सभी संबंधित एजेंसियों से मिलकर काम कर रहा है ताकि आपूर्ति में कोई बाधा न आए और किसानों को समय पर खाद उपलब्ध हो सके।
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