दृष्टि IAS का दावा झूठा साबित, CCPA ने लगाया 5 लाख का जुर्माना — UPSC अभ्यार्थी 54 अन्य कोचिंग संस्थानों से भी रहें सावधान
नई दिल्ली (आरएनआई) UPSC की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए एक अहम खबर सामने आई है। देशभर में चर्चित कोचिंग संस्थान दृष्टि IAS पर केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने भ्रामक विज्ञापन प्रकाशित करने के आरोप में 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
क्या था मामला?
दृष्टि IAS ने UPSC 2022 के परिणामों में दावा किया था कि उसके मार्गदर्शन में 216 उम्मीदवार चयनित हुए। लेकिन CCPA की जांच में सामने आया कि इनमें से 162 अभ्यर्थी केवल इंटरव्यू गाइडेंस जैसे मुफ्त कार्यक्रम में शामिल थे, जिन्होंने प्रीलिम्स और मेन्स परीक्षा पहले ही स्वयं पास कर ली थी।
सिर्फ 54 अभ्यर्थी ही ऐसे थे, जो दृष्टि IAS के नियमित कोर्स से जुड़े हुए थे।
CCPA की टिप्पणी
मुख्य आयुक्त निधि खरे ने कहा:
“यह भ्रामक जानकारी छात्रों और अभिभावकों को गलत दिशा में ले जाती है। इसे उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम-2019 के तहत अनुचित व्यापारिक प्रथा माना गया है।”
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
यह पहली बार नहीं है जब दृष्टि IAS पर कार्रवाई हुई हो।
2023 में UPSC 2021 परिणामों को लेकर भी CCPA ने 3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था।
तब संस्थान ने 161 चयन का दावा किया था, लेकिन 148 उम्मीदवार केवल इंटरव्यू गाइडेंस में शामिल थे।
अन्य संस्थान भी घेरे में
CCPA ने बताया:
अब तक 54 कोचिंग संस्थानों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
26 संस्थानों पर कुल 90.6 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है।
छात्रों के लिए चेतावनी
पत्रकार विवेक त्रिपाठी ने इस मुद्दे पर लिखा:
“फर्जी दावों के सहारे कोचिंग संस्थान सफलता की कहानियां गढ़ते हैं। यह अभ्यर्थियों के सपनों से खिलवाड़ है।”
यदि आप या आपका बच्चा UPSC की तैयारी कर रहा है, तो किसी भी कोचिंग संस्थान के विज्ञापनों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें।
दावा पढ़ें, पूछताछ करें, और असली आंकड़े समझें — तभी फैसला लें।
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