बंगाल हिंसा पर चुनाव आयोग सख्त: ज्ञानेश कुमार के निर्देश, दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी के आदेश
कोलकाता (आरएनआई) पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजों के बाद बढ़ती हिंसा को लेकर चुनाव आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने साफ निर्देश दिए हैं कि हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ में शामिल लोगों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए और दोषियों को बिना देरी गिरफ्तार किया जाए।
चुनाव आयोग ने राज्य के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों—मुख्य सचिव, डीजीपी, कोलकाता पुलिस कमिश्नर और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के महानिदेशकों—को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सभी जिलों के डीएम, एसपी और पुलिस अधिकारियों को लगातार गश्त बढ़ाने और संवेदनशील इलाकों में कड़ी निगरानी रखने को कहा गया है, ताकि हालात जल्द से जल्द नियंत्रित किए जा सकें।
हाल ही में कोलकाता के न्यूटाउन इलाके में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता मधु मंडल की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई, जिससे तनाव और बढ़ गया। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया और हालात काबू में करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। आरोप तृणमूल कांग्रेस समर्थकों पर लगाए जा रहे हैं, हालांकि मामले की जांच जारी है।
इसके अलावा हावड़ा के जगतबल्लभपुर में टीएमसी कार्यालय में आगजनी, कोलकाता के हॉग मार्केट क्षेत्र में बवाल और जलपाईगुड़ी, साउथ 24 परगना व आसनसोल जैसे जिलों में भी दोनों दलों के समर्थकों के बीच झड़प की घटनाएं सामने आई हैं। लगातार बढ़ती हिंसा ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इसी बीच सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। ममता बनर्जी ने चुनाव हारने के बावजूद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से इनकार करते हुए ईवीएम में गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं। वहीं शुभेंदु अधिकारी ने इसे संविधान विरोधी बताते हुए उनसे जनता के फैसले का सम्मान करने की अपील की है।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनाव के बाद किसी भी तरह की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर आवश्यक कदम उठाया जाएगा।
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