कुल्लू में बाढ़-भूस्खलन का कहर: पेट्रोल-डीजल संकट गहराया, दूध-सब्जी और अखबार की सप्लाई ठप
जिला कुल्लू में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति ठप होने से कई पेट्रोल पंप संचालकों ने तेल देना बंद कर दिया है। प्रशासन ने पेट्रोल पंपों को आपातकालीन सेवाओं के लिए रिजर्व स्टॉक बनाए रखने के आदेश दिए हैं।
कुल्लू (आरएनआई) बाढ़ और भूस्खलन के बाद जिले में ईंधन संकट ने हालात बिगाड़ दिए हैं। पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति ठप होने से कई पेट्रोल पंप संचालकों ने तेल देना बंद कर दिया है। निजी बस ऑपरेटरों की गाड़ियां डीजल की कमी से खड़ी हो गई हैं। दोपहिया वाहन चालक पेट्रोल के लिए पंपों के चक्कर काट रहे हैं। सड़कें खुलने के बावजूद अब जनजीवन तेल आपूर्ति पर अटक गया है।
प्रशासन ने पेट्रोल पंपों को आपातकालीन सेवाओं के लिए रिजर्व स्टॉक बनाए रखने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा जमाखोरी पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। जिले में घरेलू गैस सिलिंडरों की फिलहाल कोई समस्या नहीं है और बुकिंग पर डिलीवरी हो रही है। लेकिन दूध, पनीर, दही, ब्रेड, मक्खन, सब्जियों और अखबार की सप्लाई पिछले चार-पांच दिनों से नहीं हुई। शहर को मिलने वाला अधिकतर दूध लगवैली क्षेत्र से आता है, लेकिन वहां से आपूर्ति बंद है। केवल पाहनाला इलाके से आ रहा दूध ही लोगों को मिल रहा है, जो पर्याप्त नहीं है।
स्थानीय निवासी संजय शर्मा, अजय शर्मा, बालक राम, मोहन सिंह, नरोत्तम ठाकुर और प्रेम सिंह ने बताया कि पेट्रोल न मिलने से उन्होंने अपनी कारें खड़ी कर दी हैं। बस ऑपरेटर संघ कुल्लू के अध्यक्ष रजत जम्वाल ने कहा कि सड़कें बंद रहने और डीजल न मिलने से कुल्लू से भुंतर-बजौरा रूट की बसें बंद हो गई हैं।
नागरिक आपूर्ति निगम गैस एजेंसी प्रभारी चंद्रेश कुमारी ने बताया कि घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की सप्लाई हर क्षेत्र में महीने में दो बार दी जाती है। इस माह सप्लाई दी जा चुकी है। आपात स्थिति से निपटने के लिए सिलिंडर रिजर्व भी रखे गए हैं।
जिले के सभी पेट्रोल पंपों को आदेश दिया गया है कि वे एंबुलेंस, अग्निशमन विभाग, आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई और सड़क बहाली कार्यों में लगे वाहनों के लिए न्यूनतम रिजर्व स्टॉक बनाए रखें। जमाखोरी और काला बाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आदेशों की अवहेलना करने वालों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 188, 269, 270 और आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 की धारा 51 के तहत कार्रवाई होगी। इसमें दो वर्ष तक की सजा, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
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