हिमाचल में कॉमर्शियल सिलिंडरों का संकट, शिमला में गोदाम खाली; होटल-ढाबों पर बंद होने का खतरा
शिमला (आरएनआई)। शिमला में व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की भारी किल्लत हो गई है। राजधानी की गैस एजेंसियों को पिछले तीन दिनों से कॉमर्शियल सिलिंडरों की आपूर्ति नहीं मिली है, जिससे एजेंसियों के गोदाम खाली हो गए हैं। इसका सीधा असर होटलों, रेस्तरां और ढाबों के कारोबार पर पड़ रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के कारण गैस आपूर्ति प्रभावित होने लगी है। शहर के कई कारोबारियों ने एक सप्ताह पहले सिलिंडर बुक कराए थे, लेकिन अब तक उन्हें आपूर्ति नहीं मिल पाई है।
होटल-रेस्तरां के सामने संकट
गैस की कमी के कारण होटल, ढाबे और खाने-पीने के प्रतिष्ठानों का संचालन मुश्किल हो गया है। कारोबारियों का कहना है कि गैस के बिना रसोई चलाना संभव नहीं है। यदि जल्द सप्लाई बहाल नहीं हुई तो कई प्रतिष्ठानों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ सकता है।
शहर के कनलोग और टिंबर हाउस क्षेत्रों में मंगलवार को केवल घरेलू रसोई गैस सिलिंडरों की ही आपूर्ति की गई। कॉमर्शियल सिलिंडरों के बारे में पूछने पर एजेंसियों ने बताया कि फिलहाल उनकी सप्लाई नहीं आई है और कब आएगी इसका भी कोई स्पष्ट समय नहीं है।
अब अस्पतालों और स्कूलों को प्राथमिकता
नई व्यवस्था के तहत व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की आपूर्ति प्राथमिकता के आधार पर सिर्फ अस्पतालों और स्कूलों को दी जाएगी। यह निर्देश गैस कंपनियों की ओर से जारी किए गए हैं ताकि जरूरी संस्थानों में रसोई व्यवस्था प्रभावित न हो।
इंडियन ऑयल के मंडल एलपीजी प्रमुख मोहम्मद आमीन ने बताया कि यह सख्ती इसलिए की गई है ताकि गैस का उपयोग केवल अधिकृत संस्थानों तक सीमित रहे और कालाबाजारी पर रोक लगाई जा सके। वहीं जिला नियंत्रक खाद्य नागरिक आपूर्ति नरेंद्र धीमान ने बताया कि एजेंसियों में गैस सिलिंडरों के स्टॉक की जांच भी शुरू कर दी गई है।
कारोबारियों की परेशानी बढ़ी
स्थानीय कारोबारी कैलाश का कहना है कि गोदाम में गैस खत्म होने के कारण एजेंसियां नए ऑर्डर नहीं ले रही हैं और कहा जा रहा है कि करीब 15 दिन बाद सप्लाई आ सकती है। वहीं होटल संचालक मनु शर्मा ने बताया कि पिछले तीन-चार दिनों से कॉमर्शियल सिलिंडर नहीं मिल रहे हैं, जिससे कई बार ग्राहकों को वापस भेजना पड़ रहा है।
व्यापारी संगठनों ने प्रशासन और गैस कंपनियों से जल्द कॉमर्शियल गैस सिलिंडरों की नियमित आपूर्ति बहाल करने की मांग की है, ताकि होटल और रेस्तरां उद्योग को बड़े संकट से बचाया जा सके।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0



