रीवा कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: फर्जी गैंगरेप केस में तीन पत्रकारों को किया गया बाइज्जत बरी
रीवा (मध्य प्रदेश) (आरएनआई) रीवा की एक स्थानीय अदालत ने शुक्रवार को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए फर्जी गैंगरेप के आरोप में फंसाए गए तीन पत्रकारों को बाइज्जत बरी कर दिया। न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि प्रस्तुत साक्ष्य और गवाहों के आधार पर यह स्पष्ट है कि मामला पूरी तरह झूठा और मनगढ़ंत था।
तीनों पत्रकारों पर वर्ष 2021 में गैंगरेप का गंभीर आरोप लगाया गया था, जिससे न केवल उनकी पेशेवर छवि धूमिल हुई, बल्कि उन्हें मानसिक, सामाजिक और आर्थिक कठिनाइयों का भी सामना करना पड़ा। जांच और सुनवाई के दौरान यह सामने आया कि आरोप में कोई तथ्यात्मक दम नहीं था और यह किसी साजिश के तहत गढ़ा गया था।
न्यायाधीश ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है, और पत्रकारों को झूठे मामलों में फंसाना न केवल व्यक्तिगत अधिकारों का हनन है, बल्कि प्रेस की स्वतंत्रता पर भी हमला है। अदालत ने इस तरह के मामलों में सावधानी बरतने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की भी सिफारिश की।
फैसले के बाद पत्रकार समुदाय ने राहत की सांस ली और इसे सच की जीत बताया। साथ ही मांग की कि झूठा मुकदमा दर्ज कराने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में कोई निर्दोष व्यक्ति इस तरह के षड्यंत्र का शिकार न हो।
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