दीप प्रज्वलन के साथ प्रारंभ हुआ उड़िया बाबा महाराज का सप्तदिवसीय 150 वां प्राकट्योत्सव
(डॉ. गोपाल चतुर्वेदी)
वृन्दावन (आरएनआई) दावानल कुंड क्षेत्र स्थित श्रीकृष्णाश्रम (उड़िया बाबा आश्रम) में ब्रज के प्रख्यात संत स्वामी पूर्णानंद तीर्थ (उड़िया बाबा) महाराज का सप्तदिवसीय सार्धशताब्द (150 वां) प्राकट्योत्सव विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ प्रारंभ हो गया है।महोत्सव का शुभारभ वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य ब्रह्मलीन स्वामी पूर्णानंद तीर्थ (उड़िया बाबा) महाराज के चित्रपट के समक्ष दीप प्रज्वलित करके किया जाएगा।तत्पश्चात सन्त-विद्वत में अपने विचार व्यक्त करते हुए करह आश्रम के प्रबंधक बड़े भगतजी महाराज ने कहा कि ब्रह्मलीन स्वामी पूर्णानंद तीर्थ (उड़िया बाबा) महाराज परम् तपस्वी, भगवद् प्राप्त व सिद्ध सन्त थे।अपने तपोबल से उन्होंने कई रोगियों को रोग मुक्त करके उन्हें जीवन दान दिया। जन-जन हेतु किए गए उनके कल्याणकारी सेवा कार्यों के लिए वे सदैव स्मरण किए जाते रहेंगे।
श्रीराधा उपासना कुंज के महंत संतदास महाराज ने कहा कि उड़िया बाबा महाराज को बाल्यकाल से ही अनंत सिद्धियां प्राप्त थीं। मां अन्नपूर्णा उनको सिद्ध थीं। पूज्य बाबा महाराज बीहड़ जंगलों में भी लोगों के भोजन की व्यवस्था अपनी सिद्धि से कर दिया करते थे।
भागवताचार्य गोपाल भैया महाराज एवं आचार्य मृदुल कांत शास्त्री ने कहा कि पूज्य उड़िया बाबा महाराज परमहंस माने जाते थे।उनके जीवन चरित्र और संस्मरणों का श्रवण करने मात्र से लोगों में धार्मिक व आध्यात्मिक चेतना जागृत होती है
पूर्णोतम दीक्षित एवं गोविंद कृष्ण पाठक ने कहा कि ब्रह्मलीन स्वामी पूर्णानंद तीर्थ (उड़िया बाबा) महाराज अद्वैत वेदांत के संवाहक थे।उन्होंने असंख्य व्यक्तियों को ज्ञान और भक्ति का मार्ग दिखा कर उनके कल्याण का मार्ग प्रशस्त किया।
इससे पूर्व प्रख्यात रासाचार्य स्वामी ताराचंद ठाकुरजी के निर्देशन में गौरांग लीला का अत्यन्त नयनाभिराम व चित्ताकर्षक मंचन किया गया।सायं को रासलीला की मनोहारी प्रस्तुति दी गई।जिसे देख सभी भक्त-श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।
इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक व उड़िया बाबा आश्रम के प्रभारी आचार्य पंडित कुलदीप दुबे, प्रख्यात साहित्यकार डॉ. गोपाल चतुर्वेदी, सन्त प्रवर स्वामी आवेधानंद महाराज, विष्णुकांत शर्मा (आगरा), राम स्वरूप जोशी (मुंबई), विनोद तायल (देहरादून), हरीश अग्रवाल,अश्वनी प्रताप सिंह (नोएडा), रामस्वरूप जोशी, डॉ. राधाकांत शर्मा, विष्णु शर्मा, विजय पांडे, गौरव शर्मा (दिल्ली) आदि उपस्थित रहे।संचालन संत सेवानंद ब्रह्मचारी ने किया।
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