बांग्लादेश में एनसीपी-अवामी लीग समर्थकों के बीच हिंसा, 4 की मौत; हालात संभालने उतरी आर्मी
नाहिद इस्लाम ने सार्वजनिक तौर पर मुजीब की विरासत को खत्म करने की धमकी दी। उन्होंने कहा कि वे अपने हाथों से गोपालगंज को मुजीबवाद से मुक्त कराएंगे। अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने भी हिंसा की निंदा की।
ढाका (आरएनआई) बांग्लादेश में एक बार फिर हिंसा भड़क उठी है और इस हिंसा में चार लोगों की मौत हुई है और कई अन्य घायल हैं। यह हिंसा उस वक्त भड़की, जब नवगठित 'नेशनल सिटिजन पार्टी' (एनसीपी) और शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। जब पुलिस ने हालात संभालने की कोशिश की तो हिंसा और भड़क गई, जिससे पुलिस को प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलानी पड़ीं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एनसीपी पार्टी, अवामी लीग के गढ़ गोपालगंज जिले में एक रैली आयोजित कर रही थी। जिसका अवामी लीग ने विरोध किया, जिससे हिंसा भड़की।
हिंसा में मारे गए लोगों की पहचान दीप्तो साहा (25 वर्षीय), रमजान काजी (18 वर्षीय) और सोहेल मुल्ला (41) के रूप में हुई है। एक मृतक की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। गोपालगंज जनरल अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि नौ अन्य लोगों को गोलियां लगी हैं, जिनका इलाज चल रहा है। तनावपूर्ण हालात को देखते हुए पैरामिलिट्री फोर्स की चार अतिरिक्त प्लाटून गोपालगंज में तैनात की गई है। सरकार ने हिंसा के दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही है। वहीं एनसीपी नेता नाहिद इस्लाम ने भी चेतावनी दी है कि अगर न्याय नहीं हुआ तो फिर उनकी पार्टी खुद न्याय करेगी।
गोपालगंज जिला अवामी लीग का गढ़ माना जाता है। यह बांग्लादेश के संस्थापक बंगबंधु मुजीबुर रहमान का गृहनगर भी है। छात्र राजनीति से पारंपरिक राजनीति में आने वाले नाहिद इस्लाम की पार्टी एनसीपी ने गोपालगंज में बुधवार को एक रैली का आयोजन किया था। हालांकि रैली से पहले ही कथित तौर पर अवामी लीग पार्टी के समर्थकों ने रैली स्थल और एनसीपी कार्यकर्ताओं पर हमला कर दिया। आरोप है कि अवामी लीग कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर भी हमला किया। जिसके जवाब में पुलिस ने फायरिंग की, जिससे लोगों की जान गई।
अवामी लीग के समर्थकों ने लाठी, डंडों से एनसीपी नेताओं और सुरक्षाबलों पर हमला किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के वाहनों में तोड़फोड़ भी की। एनसीपी नेता नाहिद इस्लाम ने टूटे हुए मंच से ही कार्यकर्ताओं को संबोधित किया और चेतावनी दी कि अगर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो वे खुद न्याय करेंगे। नाहिद इस्लाम ने सार्वजनिक तौर पर मुजीब की विरासत को खत्म करने की धमकी दी। उन्होंने कहा कि वे अपने हाथों से गोपालगंज को मुजीबवाद से मुक्त कराएंगे। अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने भी हिंसा की निंदा की और अवामी लीग को हिंसा के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने इस मामले में सख्त कार्रवाई की बात कही।
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