निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मियों ने की सांकेतिक हड़ताल

Jul 9, 2025 - 20:27
Jul 9, 2025 - 20:38
 0  216
निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मियों ने की सांकेतिक हड़ताल

फतेहपुर (आरएनआई) नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लॉइज एंड इंजीनियर्स के आह्वान पर बिजली कर्मियों ने एक दिन की सांकेतिक हड़ताल की। बिजली कर्मचारियों, संविदा कर्मियों, जूनियर इंजीनियरों और अभियंताओं ने कार्यालय कार्यस्थल से बाहर आकर निजीकरण के विरोध में पूरे दिन व्यापक विरोध प्रदर्शन किया। 

सभा की अध्यक्षता कर रहे आरए कुशवाहा ने कहा कि भारत सरकार एवं राज्य सरकारों की बिजली के निजीकरण की जनविरोधी नीतियों के विरोध में और खासकर प्रदेश में पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मियों ने एक दिन की सांकेतिक हड़ताल कर अपनी एकजुटता का परिचय दिया है। संघर्ष समिति के सदस्यों उपखंड अधिकारी प्रवीण शाक्य, महेश चंद्र, सुदामा प्रसाद, अवर अभियंता सुंदरम यादव, जितेंद्र पाल, प्रमोद मौर्य, कार्यकारी सहायक निशी वर्मा, चंचल होल्कर, सपना, रुद्र प्रताप सिंह तकनीशियन अभिषेक तिवारी, आदित्य सिंह आदि ने चेतावनी दी है कि यदि उत्तर प्रदेश में दो विद्युत वितरण कंपनियों के निजीकरण का निर्णय वापस न लिया गया और प्रदेश के बिजली कर्मियों का उत्पीड़न करने की कोशिश की गई तो देश के तमाम बिजली कर्मी मूकदर्शक नहीं रहेंगे और देशव्यापी आंदोलन करने हेतु बाध्य होंगे। बिजली कर्मी व अधिकारी अपने कार्यालय/कार्य स्थल को छोड़कर बाहर आए और पूर्वांचल व दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगमों के निजीकरण का निर्णय तत्काल निरस्त करने की मांग की। अधीक्षण अभियंता कार्यालय में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारियों  सुदामा प्रसाद, राम आशीष कुशवाहा, महेश चंद्र, जितेन्द्र कुमार मौर्या अध्यक्ष जेई संघ, चंद्रेश रायज्यादा लेखा संघ, सुरेश मौर्य जिलाध्यक्ष प्रविधिक संघ, धीरेन्द्र सिंह केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रविधिक संघ, जितेंद्र मौर्य, अमज़द अली, आदित्य त्रिपाठी महासचिव जेई संघ, श्रवण सिंह, पुष्पेंद्र गौंड, जितेंद्र कुमार आदि ने सभा को संबोधित किया। विरोध सभा का संचालन प्रविधिक संघ के जिला सचिव लवकुश मौर्य ने किया।

Follow RNI News Channel on WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029VaBPp7rK5cD6X

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0