निजी यूट्यूब चैनलों और डिजिटल मीडिया पर लाइसेंसिंग लागू करने की तैयारी
नई दिल्ली (आरएनआई) कर्नाटक सरकार ने निजी यूट्यूब चैनलों और डिजिटल मीडिया पर लाइसेंसिंग नियम लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। यह कदम डिजिटल ब्लैकमेल, गलत सूचना और अनैतिक पत्रकारिता की बढ़ती प्रवृत्ति से निपटने के लिए उठाया गया है।
यह प्रस्ताव इलेक्ट्रॉनिक मीडिया जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन (ईएमजेए) द्वारा प्रस्तुत ज्ञापन के बाद आया, जिसमें सरकार से यूट्यूब चैनलों पर लाइसेंसिंग आवश्यकताएँ लागू करने का आग्रह किया गया था। ईएमजेए का कहना है कि कई चैनल क्लिकबेट और असत्यापित खबरें फैलाकर वैध पत्रकारिता की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचा रहे हैं।
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने प्रेस वार्ता में कहा, “हम डिजिटल समाचार प्रसारकों के लिए लाइसेंसिंग तंत्र पर विचार करेंगे। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता महत्वपूर्ण है, लेकिन असत्यापित खबरें, ब्लैकमेल सामग्री और सनसनीखेज झूठ फैलाने वाले चैनलों पर अंकुश लगाना जरूरी है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पहल का उद्देश्य जनता तक केवल प्रामाणिक जानकारी पहुँचाना है।
यदि यह लाइसेंसिंग लागू होती है, तो चैनलों को राज्य अधिकारियों के साथ पंजीकरण करना होगा, सामग्री सत्यापन मानकों का पालन करना होगा और उल्लंघन पर जुर्माना या बंदी जैसी सजा का सामना करना पड़ सकता है। यह कदम सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 के अनुरूप है, जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर शिकायत निवारण अधिकारी नियुक्त करना अनिवार्य करता है।
सिद्धारमैया के कार्यालय ने अगले महीने क्रिएटर्स और पत्रकारों के साथ गोलमेज बैठक निर्धारित की है, ताकि इस नए ढांचे को अंतिम रूप दिया जा सके।
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