कोर्ट की कार्यवाही को जानबूझकर विलम्बित कर रहा है प्रशासन
मामला शासकीय भूमि के सर्वे नम्वर 722 में लक्ष्मीगंज, सुगन चोराहे, सदर बाजार सहित नई सड़क आदि जगह पर अतिक्रमण से लगातार प्रभावित आवागमन को हटाने का
गुना। लोकउपयोगी सेवा की अदालत में जनहित के तहत याचिका को जनहित में लगाया गया था जिसमे 6-2022 में फैशला के वाद आदेश के परिपालन न किए जाने के उपरांत cjm न्यायालय में एक्जिक्युसन के पेस प्रकरण में परिपालन में लापरवाही बरतने को लेकर सम्बन्धितों को सिविल जेल के तहत भेजे जाने के आवेदन के वाद कलेक्टर ओर अन्य की ओर से पेरवीकर्ता शासकीय वकील के पेस आवेदन में असत्य परिपालन रिपोर्ट पेश की गई कि अतिक्रमण हटाया गया है। Cjm कोर्ट में इसको लेकर दस्तावेज भी पेस कर गुमराह किया गया है। वही लोकउपयोगी अदालत के फैसले के वाद असत्य जानकारियों को लेकर रिव्यूपिटिसन पेस करने का लेख कर फिर आवेदन पेस की गई है। यह रिव्यू पिटीशन जेल कार्यवाही से बचने को लेकर cmo नगरपालिका के द्वारा पेश की है,जिनको उक्त केस लगाने का अधिकार ही नही है। वही लोकउपयोगी सेवा की अदालत में उक्त रिव्यू पिटीशन को प्रस्तुत करने का अधिकार ही नही है। ये अंतिम फैशला ही है। प्रतिवादी जिला प्रशासन के अधिकारियों ने रिव्यूपिटिसन पेस करने का आवेदन भी cjm कोर्ट में कार्यवाही को विलम्बित करने लगाया है जबकि विद्वान अधिवक्ता जानते है कि यह रिव्यू पिटीशन नही लग सकती है। इसकी अब पेसी माननीय cjm के8 न्यायालय में शासन के पैरवीकर्ता अधिवक्ता बदलने के कारण अब बहस हेतु 27:04:2023 को नियत है। उक्त जानकारी परिवादी के अधिवक्ता शेलेन्द्र सिंह यादव ने मीडिया को दी है।
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