21 साल की उम्र में इतना सारा पैसा
आज के समय में माइग्रेन की समस्या काफी तेजी से बढ़ती जा रही है। प्रगति वर्मा बचपन से ही माइग्रेन की परेशानी से लड़ रही हैं। यह सबसे बड़ा कारण है कि प्रगति को बचपन से ही दवाइयों का सहारा लेना पड़ता है।
नई दिल्ली (आरएनआई) आज के समय में अधिकतर युवा सोशल मीडिया को अपने करियर के तौर पर चुन रहे हैं और पैसा कमाने के साथ-साथ अपनी एक पहचान भी बना रहे हैं। एक ऐसी युवा यूट्यूबर प्रगति वर्मा हैं जो महज 21 साल की हैं, मगर वह इतनी छोटी-सी उम्र में करोड़ों रुपए कमा रही हैं। आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि प्रगति की उम्र वाले युवा जहां अपने करियर को लेकर कंफ्यूज हैं वहां प्रगति की सोशल मीडिया एवं यूट्यूब पर जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। इसलिए आज इस आर्टिकल में हम सक्सेसफुल प्रगति वर्मा की कहानी आप सभी के लिए लेकर आये हैं जिससे आपको बहुत कुछ सीखने को मिल सकता है। आप सभी प्रगति वर्मा की कहानी जोश टॉक्स के यूट्यूब चैनल पर भी सुन सकते हैं।
प्रगति वर्मा एक यूट्यूबर हैं जो सोशल मीडिया पर बहुत ही फेमस हैं। प्रगति यूट्यूब के तीन चैनलों पर काम करती हैं जिसके कुल 27 मिलियन से भी अधिक सब्सक्राइबर हैं।उत्तर प्रदेश के गोरखपुर शहर से निकलकर इस मुकाम तक पहुंचना प्रगति के लिए मुश्किलों से भरा था। वह 16 साल की उम्र से यूट्यूब पर सफलता पाने के लिए स्ट्रगल कर रही हैं। प्रगति जब 5वीं क्लास में थी तब से वह कई सारे शॉर्ट्स वीडियो को एडिट किया करती थी, इसके बाद उन्होंने ठान लिया कि अब वह यूट्यूब चैनल बनाएंगी और अपनी एक अलग पहचान बनाएंगी।
आज के समय में माइग्रेन की समस्या काफी तेजी से बढ़ती जा रही है। प्रगति वर्मा बचपन से ही माइग्रेन की परेशानी से लड़ रही हैं। यह सबसे बड़ा कारण है कि प्रगति को बचपन से ही दवाइयों का सहारा लेना पड़ता है। जब प्रगति 2018 में अपने बोर्ड एक्साम्स की तैयारी कर रही थी तो उन्हें यूट्यूब से पढ़ना पड़ता था क्योंकि वह सिरदर्द की समस्या के कारण स्कूल नहीं जा पाती थी। इन सभी चीजों के दौरान प्रगति को पता चला कि यूट्यूब पर किस तरह की वीडियो को अपलोड करना चाहिए। इससे उन्होंने अलग-अलग तरह की एक्टिविटी के साथ यूट्यूब पर वीडियो बनानी शुरू कर दी। इस यूट्यूब जर्नी में प्रगति को अपनी माँ और बहन का भरपूर साथ मिला।
आज भी प्रगति यूट्यूब के साथ-साथ अपनी पढ़ाई को बरकरार रख रही हैं। जब वह 11वीं में थी तो उनके चैनल के एक लाख सब्सक्राइबर पूरे हो चुके थे। मगर उन्हें ना तो उस वक्त तक उन्हें सिल्वर प्ले बटन मिला और ना ही एक भी रूपया। कुछ टेक्निकल प्रॉब्लम के कारण एक लाख सब्सक्राइबर होने के बावजूद भी प्रगति को रेवेन्यू नहीं मिला। इसके बाद प्रगति ने हजार कोशिशें कि तब जाकर 2 लाख सब्सक्राइबर होने पर उन्हें अपना पहला पेमेंट रिसीव हुआ। वहीं प्रगति बताती हैं कि जब इतने दिनों का रेवेन्यू एक साथ 49 हजार आया तो उन्हें यकीन नहीं हो रहा था कि यूट्यूब से इतने सारे पैसे भी कमाए जा सकते हैं।
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