17 गीगावाट स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं की ग्रिड मंजूरी रद्द, चालू प्रोजेक्ट्स को तरजीह
भारत सरकार ने 17 गीगावाट की विलंबित नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं की ग्रिड कनेक्शन मंजूरी रद्द कर दी है। अडानी, रीन्यू, एनटीपीसी जैसी कंपनियों को नोटिस भेजा गया। उद्देश्य है– सक्रिय परियोजनाओं को प्राथमिकता देना और बिजली आपूर्ति सुचारु बनाना।
नई दिल्ली (आरएनआई) भारत ने विलंबित स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं के लगभग 17 गीगावाट (जीडब्ल्यू) के बिजली ग्रिड से जुड़ने की मंजूरी रद्द कर दी है। ताकि उन परियोजनाओं को कनेक्शन देने को प्राथमिकता दी जा सके, जो चालू हैं या पूरी होने वाली हैं। यह दावा मामले से परिचित एक सूत्र और समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने किया है।
सरकारी कंपनी सेंट्रल ट्रांसमिशन यूटिलिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सीटीयूआईएल) ने अडानी ग्रीन एनर्जी, रीन्यू पावर, एनटीपीसी, अवाडा ग्रुप, जेएसडब्ल्यू एनर्जी और एसीएमई सोलर जैसी कंपनियों को रद्दीकरण की सूचना दी। अंतर-राज्यीय ट्रांसमिशन पहुंच की निगरानी करने वाली संघीय एजेंसी के एक दस्तावेज के अनुसार, प्रभावित परियोजनाएं राजस्थान, पश्चिमी गुजरात और मध्य भारत जैसे नवीकरणीय ऊर्जा-समृद्ध राज्यों में स्थित हैं।
कंपनियों को पूर्व नोटिस जारी करने के बाद जून तिमाही में अनुमति समाप्त कर दी गई थी। रॉयटर्स के अनुसार कंपनियां संघीय विद्युत नियामक, केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग से राहत की मांग कर रही हैं। बता दें, बढ़ती आय, मशीनीकृत खेती, औद्योगीकरण और शहरीकरण के कारण बढ़ती बिजली की मांग ने सरकार को स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं को बेहतर ढंग से एकीकृत करने और 1.4 अरब लोगों के लिए बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु ग्रिड नियमों को सुव्यवस्थित करने के लिए प्रेरित किया है।
अधिकारी ने बताया कि सेंट्रल ट्रांसमिशन यूटिलिटी ने रद्दीकरण के निर्णय से पहले मैन्युअल निरीक्षण किया था और जो परियोजनाएं पूरी होने की राह पर हैं, उनके लिए ट्रांसमिशन लाइनों को मुक्त करने के प्रयास जारी रखेगी। 24 जून के एक आदेश के अनुसार, जेएसडब्ल्यू एनर्जी ने इस रद्दीकरण के खिलाफ अपील की, लेकिन नियामक ने अंतरिम राहत देने से इन्कार कर दिया और 10 जुलाई को सीटीयूआईएल से अपना जवाब साझा करने को कहा।
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