वार्षिक समारोह में तीन संस्कृत विद्वान सम्मानित, संस्कृत के संरक्षण पर जोर
विकास कुमार पत्रकार
नई दिल्ली (आरएनआई) अखिल भारतीय संस्कृत साहित्य सम्मेलन, नई दिल्ली एवं श्री जयराम विद्यापीठ, कुरुक्षेत्र के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह 2025 में संस्कृत क्षेत्र में विशेष योगदान हेतु तीन विद्वानों को सम्मानित किया गया ।
प्रो. आर. जी. मुरलीकृष्ण (केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली) को डॉ. गोस्वामी गिरधारीलाल संस्कृत गौरव पुरस्कार, ₹1,00,000 एवं प्रशस्तिपत्र दिया गया । प्रो. शोभा मिश्रा (विक्रमजीत सिंह सनातन धर्म महाविद्यालय, कानपुर) को डॉ. श्रीमती शीला दीक्षित संस्कृत श्री पुरस्कार, ₹1,00,000 एवं प्रशस्तिपत्र दिया गया वही डॉ. अरुण कुमार मिश्र (दिल्ली विश्वविद्यालय) को संस्कृत भूषण पुरस्कार, ₹51,000 एवं प्रशस्तिपत्र प्रदान किया गया ।
इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी महाराज ने कहा कि संस्कृत विद्वानों का सम्मान, संस्कृति के संरक्षकों का सम्मान है। अध्यक्ष प्रो. रमेश कुमार पाण्डेय ने संस्कृत को व्यवहार में लाने और छात्रों को इसमें वार्तालाप हेतु प्रेरित करने का आह्वान किया।
समारोह में दो प्रस्ताव पारित हुए, जिनमें माध्यमिक शिक्षा तक संस्कृत का अध्ययन-अध्यापन अनिवार्य किया जाना एवं राष्ट्रपति संस्कृत पुरस्कार की परंपरा पुनः प्रारंभ किया जाना प्रमुख है । देशभर के 100 से अधिक आचार्यों एवं 20 से अधिक शोधपत्र प्रवाचकों की उपस्थिति रही। आयोजन का संचालन प्रो. शिवशंकर मिश्र ने किया। एल. एस
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