नेहरू के डिजिटल आर्काइव लॉन्च पर राहुल गांधी बोले— यह भारत की विकसित होती चेतना का प्रमाण
नई दिल्ली (आरएनआई)। देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के पत्रों, निबंधों, भाषणों और अन्य लेखन का एक व्यापक डिजिटल आर्काइव लॉन्च किया गया है, जिसमें नेहरू के निजी और आधिकारिक लेखन को अब आम जनता निशुल्क और आसानी से खोज सकती है। इस पहल को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने ऐतिहासिक महत्व का कदम बताया।
डिजिटल आर्काइव के शुभारंभ पर प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि नेहरू के लेखन केवल ऐतिहासिक दस्तावेज नहीं, बल्कि भारत की लोकतांत्रिक आत्मा का आईना हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के पहले प्रधानमंत्री के विचार आधुनिक भारत के निर्माण में आए संघर्षों, बहसों और आकांक्षाओं की गहरी झलक प्रस्तुत करते हैं।
राहुल गांधी ने लिखा कि नेहरू के लेखन भारत की विकसित होती अंतरात्मा का दस्तावेज हैं, जिन्हें पढ़कर देश की लोकतांत्रिक यात्रा और राजनीतिक सोच को नए दृष्टिकोण से समझा जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस आर्काइव के सार्वजनिक रूप से सुलभ होने से शोधकर्ताओं, छात्रों और देश की विरासत को जानने में रुचि रखने वाले नागरिकों को बड़ी सुविधा मिलेगी।
डिजिटल संग्रह में अब तक 75,000 से अधिक पन्ने और 3,000 से अधिक तस्वीरें जोड़ी गई हैं। इस आर्काइव को चरणबद्ध तरीके से विस्तार दिया जाएगा, जिसमें नए अध्याय, पत्र, फोटो, ऑडियो और फिल्मों को भी शामिल किया जाएगा। दुनिया भर के अभिलेखागारों से नेहरू के पत्रों और दस्तावेजों को एकत्र करने के लिए प्रयास जारी हैं।
इस पहल का लक्ष्य नेहरू की वैचारिक और राजनीतिक विरासत को पारदर्शी रूप से देश के सामने प्रस्तुत करना है, ताकि लोकतंत्र और राष्ट्र-निर्माण की ऐतिहासिक यात्रा को मजबूत संदर्भों के साथ समझा जा सके। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने बताया कि आर्काइव को एक स्मार्टफोन-हितैषी वेबसाइट के माध्यम से उपलब्ध कराया गया है, जो ‘सेलेक्टेड वर्क्स ऑफ जवाहरलाल नेहरू’ के 1903 से 1964 तक के 100 खंडों पर आधारित है।
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