ट्रंप की कूटनीतिक चाल: पुतिन से बैठक रद्द, अब जिनपिंग से करेंगे मुलाकात — दक्षिण कोरिया बनेगा नई वार्ता का केंद्र
वॉशिंगटन/सियोल (आरएनआई) — अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को अपने एशियाई दौरे की घोषणा करते हुए कहा कि वे आगामी सप्ताह मलेशिया, दक्षिण कोरिया और जापान की यात्रा पर जाएंगे। इस दौरान वे चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से दक्षिण कोरिया में मुलाकात करेंगे।
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ प्रस्तावित शिखर वार्ता रद्द कर दी है। उन्होंने कहा कि उन्हें यह बैठक “उपयुक्त” नहीं लगी और “बेकार वार्ता” से बचना बेहतर समझा।
“हमने पुतिन के साथ बैठक रद्द कर दी है। मुझे यह सही नहीं लगा। ऐसा लगा कि हम उस मुकाम तक नहीं पहुंच पाएंगे जहां हमें पहुंचना चाहिए था,” ट्रंप ने मीडिया से बातचीत में कहा।
दक्षिण कोरिया में ट्रंप-जिनपिंग की लंबी बैठक तय
ट्रंप ने बताया कि दक्षिण कोरिया में उनकी और शी जिनपिंग की एक लंबी और विस्तृत बैठक निर्धारित है। इस बैठक में दोनों नेता रूस-यूक्रेन युद्ध, ऊर्जा संकट, और वैश्विक तेल आपूर्ति जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
“मेरा मानना है कि शी जिनपिंग इस युद्ध का अंत देखना चाहते हैं। हमें उम्मीद है कि हम साथ मिलकर शांति की दिशा में काम कर पाएंगे,”
ट्रंप ने कहा।
रूस ने ठुकराई ट्रंप की युद्धविराम योजना
पुतिन शिखर सम्मेलन रद्द होने के कुछ ही घंटों बाद, रूस ने यूक्रेन में ट्रंप की प्रस्तावित युद्धविराम योजना को अस्वीकार कर दिया। रूसी विदेश मंत्रालय ने बयान जारी करते हुए कहा कि “मॉस्को किसी बाहरी दबाव या अपील के आधार पर निर्णय नहीं लेगा।”
ऊर्जा और शांति पर रणनीतिक वार्ता
व्हाइट हाउस में नाटो महासचिव मार्क रुटे की मौजूदगी में ट्रंप ने कहा कि वे शी जिनपिंग के साथ ऊर्जा, तेल और वैश्विक सुरक्षा पर भी विस्तार से बात करेंगे।
“हम यह समझने की कोशिश करेंगे कि रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध को कैसे समाप्त किया जा सकता है — चाहे वह ऊर्जा के जरिये हो या किसी अन्य माध्यम से,”
ट्रंप ने कहा।
संकेत: अमेरिका-चीन समीकरणों में नया अध्याय
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप और जिनपिंग की यह मुलाकात रूस-यूक्रेन युद्ध और एशियाई कूटनीति दोनों के लिए अहम साबित हो सकती है। यह बैठक वैश्विक शक्ति-संतुलन के नए समीकरण तय कर सकती है।
पुतिन से वार्ता रद्द कर शी जिनपिंग से बातचीत का निर्णय ट्रंप की एक नई कूटनीतिक रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। दक्षिण कोरिया में होने वाली यह बैठक न केवल रूस-यूक्रेन संघर्ष पर असर डाल सकती है, बल्कि आने वाले महीनों में अमेरिका-चीन संबंधों की दिशा भी तय करेगी।
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