कैबिनेट की बैठक में 22 प्रस्तावों पर मुहर, दिवाली पर उज्ज्वला लाभार्थियों को फ्री सिलिंडर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 22 प्रस्ताव पेश किए गए। इन सभी पर मुहर भी लग गई। दिवाली में उज्ज्वला ते तहत मुफ्त सिलिंडर दिया जाएगा। साथ ही छूटे हुए छात्रों के लिए छात्रवृत्ति का पोर्टल दोबारा खुलेगा।

Sep 27, 2025 - 13:59
 0  81
कैबिनेट की बैठक में 22 प्रस्तावों पर मुहर, दिवाली पर उज्ज्वला लाभार्थियों को फ्री सिलिंडर

लखनऊ (आरएनआई) राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई। इसमें 22 प्रस्ताव पेश किए गए। सभी पर मुहर भी लग गई। बैठक में तय हुआ कि उज्ज्वला योजना के तहत दो सिलिंडर मुफ्त मिलेंगे। इससे 1.86 करोड़ लोगों को लाभ मिलेगा। इसके तहत पहला सिलिंडर दिवाली में दिया जाएगा। यूपी सेमी कंडक्टर नीति के तहत फॉक्सकॉन को स्थान परिवर्तन की मंजूरी दी गई। जिला खनिज न्यास नियमावली को भी मंजूरी मिल गई है। 70 प्रतिशत निधि पेयजल आपूर्ति, स्वास्थ्य आदि में खर्च होगी। जबकि 30 फीसदी बुनियादी विकास, शिक्षा आदि में खर्च होगा। इसके अलावा भूतत्व और खनिकर्म के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।  वस्त्र नीति 2017 के तहत एक टेक्सटाइल एंड अपैरल पार्क योजना को मंजूरी दी गई है। पीपीपी मॉडल पर 50 एकड़ जमीन पर बनेगा। एक पार्क में 1500 से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलेगा। 

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत होली-दीपावली अवसर पर 1 करोड़ 86 लाख लाभार्थी परिवारों को पिछले वर्ष की तरह ही दो निशुल्क एलपीजी गैस सिलिंडर प्रदान किए जाएंगे। इस संबंध में लाए गए प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। चालू वित्त वर्ष में इस पर 1385.34 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह निर्णय गरीब महिलाओं को राहत पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

पर्यटन विभाग की ओर से पिछले दिनों अपने यहां विभिन्न पदों का पुर्नगठन व नए पदों का सृजन किया गया था। इसके तहत हर जिले में जिला पर्यटन अधिकारी की तैनाती करने का निर्णय हुआ था। इसी क्रम में कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश पर्यटन सेवा नियमावली 2025 को शुक्रवार को हरी झंडी दे दी है। 

इसके अुनसार जिला पर्यटन अधिकारी के 50 फीसदी पद लोक सेवा आयोग से सीधी भर्ती से भरे जाएंगे। जबकि, 50 फीसदी पद मौलिक रूप से नियुक्त अपर जिला पर्यटन अधिकारियों में से पदोन्नति से भरे जाएंगे। इनको छह साल की सेवा पूरी करनी होगी। विभाग ने पिछले दिनों जिला पर्यटन अधिकारी के 59 पद सृजित किए हैं। 

पर्यटन व संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि पर्यटन सेवा संवर्ग में अपर निदेशक, संयुक्त निदेशक, उप निदेशक, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी, सहायक निदेशक पर्यटन व जिला पर्यटन अधिकारी के पदों पर भर्ती-पदोन्नति की जाएगी। इसी क्रम में क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी-सहायक निदेशक पर्यटन पद पर 90 फीसदी मौलिक रूप से नियुक्त जिला पर्यटन अधिकारियों में विभागीय चयन समिति पदोन्नति से होगी। जिन्होंने पांच साल की सेवा पूरी कर ली है। 

वहीं 10 फीसदी पद नियुक्त प्रकाशन अधिकारियों में से पदोन्नति से होगा। जिन्होंने 12 साल की सेवा पूरी कर ली हो। नियमावली में सभी पदों के लिए अर्हता, वेतनमान आदि भी तय किया है। मंत्री ने बताया कि इसमें यह भी कहा गया है कि जहां भर्ती के किसी वर्ष में नियुक्तियां सीधी भर्ती व पदोन्नति दोनों से होना है। वहां पर नियमित नियुक्ति तब तक न की जाए, जब तक दोनों स्रोतों से चयन न कर लिया जाए।

प्रदेश सरकार ने राज्य में सेमीकंडक्टर उद्योग को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। उत्तर प्रदेश सेमीकंडक्टर नीति-2024 के तहत वामासुंदरी इन्वेस्टमेंट्स (दिल्ली) प्राइवेट लिमिटेड की प्रस्तावित सेमीकंडक्टर परियोजना ‘फॉक्सकान’ को लेकर संशोधित लेटर ऑफ कंफर्ट जारी करने को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी। इस परियोजना में लगभग 3706.12 करोड़ रुपये का निवेश होगा। भविष्य मे समूह अपना निवेश बढ़ाकर एक लाख करोड़ रुपये तक करेगा।

इस संबंध में आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील शर्मा ने बताया कि यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) की ओर से फॉक्सकान को आवंटित परियोजना स्थल में बदलाव किया गया है। इसके बाद निवेशक ने भूमि लागत को लेकर कुछ रियायतें मांगी थीं। इनमें भूमि के प्रीमियम, स्टांप शुल्क और निबंधन शुल्क को पूर्व प्रचलित सेक्टर दर पर अनुमन्य करने, जबकि लोकेशनल प्रीमियम और वन टाइम लीज रेंट को माफ करने का अनुरोध शामिल था।

राज्य सरकार की ओर से प्रस्तुत प्रस्ताव में यह कहा गया है कि अतिरिक्त वित्तीय भार, जिसमें स्टांप और निबंधन शुल्क में संभावित 100 प्रतिशत वृद्धि और भूमि लागत में हुई वृद्धि शामिल है, इसे ध्यान में रखते हुए निवेशक को 75 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी। बढ़ी हुई दरों की वजह से निवेशक पर करीब 124 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार आ गया था। इसमें 75 फीसदी राशि सब्सिडी के रूप में दी गई है जबकि शेष 25 फीसदी का भार यीडा उठाएगा। इसी के अनुरूप 7 नवंबर 2024 को जारी शासनादेश और 19 नवंबर 2024 को जारी लेटर ऑफ कंफर्ट मंत्रिपरिषद के अनुमोदन से संशोधित किया जाएगा। आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री ने बताया कि इस फैसले से उत्तर प्रदेश में सेमीकंडक्टर इकाई की स्थापना का रास्ता साफ होगा। इस परियोजना से कुल 3780 लोगों को रोजगार मिलेगा। इनमें 780 को प्रत्यक्ष और लगभग 3000 लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध होगा। इससे प्रदेश के युवाओं को नई तकनीकी स्किल्स सीखने और उद्योग जगत से जुड़ने का अवसर मिलेगा।


कैबिनेट ने वर्ष 2024-25 में पीडब्ल्यूडी के 156 अरब 30 करोड़ 6 लाख रुपये की पूर्व में जारी स्वीकृति को मंजूरी दे दी गई है। नियमानुसार कैबिनेट की स्वीकृति के लिए यह प्रस्ताव लाया गया है।

कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश पर्यावरण (राजपत्रित) सेवा नियमावली, 1995 में संशोधन किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। निदेशालय में सहायक निदेशक के 6 पद हैं, जबकि उप निदेशक के 4 पद हैं। अभी तक की व्यवस्था में उप निदेशक के आधे पद प्रमोशन से और आधे पद सीधी भर्ती से भरे जाने का प्रावधान था। संशोधित नियमावली के अनुसार, अब उप निदेशक (डीडी) के सभी पद प्रमोशन से ही भरे जाएंगे।

कैबिनेट ने शुक्रवार को उप्र जिला खनिज फाउंडेशन न्यास (तृतीय संशोधन) नियमावली- 2025 को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से खनन प्रभावित क्षेत्र और प्रभावित व्यक्तियों के चिह्नांकन में स्पष्टता आएगी और जिला न्यास की रकम का 70 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा, स्वास्थ्य व पेयजल आपूर्ति पर खर्च किया जाएगा। वहीं 30 प्रतिशत रकम भौतिक संरचना, सिंचाई और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों पर खर्च की जाएगी।

खनन विभाग के मुताबिक अब तक जिला खनिज फाउंडेशन न्याय की नियमावली में खनन से प्रभावित क्षेत्र और प्रभावित व्यक्तियों के चिह्नांकन में स्पष्टता नहीं थी। कैबिनेट द्वारा नियमावली में संशोधन के बाद यह स्पष्ट हो गई है। आकांक्षी ब्लॉकों और आकांक्षात्मक जिलों के विकास के लिए पंचवर्षीय और सालाना कार्ययोजना बनाई जाएगी। जिला स्तर पर डीएम की अध्यक्षता में निगरानी समिति बनेगी, जबकि राज्य स्तर पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में निगरानी समिति काम करेगी।

कैबिनेट ने नदी की तलछटी से निकलने वाले और चट्टान किस्म के उपखनिजों की ई-निविदा और ई-नीलामी अब एमएसटीसी लिमिटेड को प्लेटफॉर्म उपलब्ध करवाने के लिए नोडल बनाने को मंजूरी दी है। एमएसटीसी लिमिटेड केंद्र सरकार के इस्पात मंत्रालय के नियंत्रण में आने वाली श्रेणी एक की मिनी रत्न कंपनी है। खनन पट्टे आवंटन में पारदर्शिता लाने के लिए यह करार किया गया है।

कैबिनेट ने छात्रवृत्ति से छूटे छात्रों के लिए दोबारा पोर्टल खोलने के लिए मंजूरी दे दी है। इस फैसले से कुल 4 लाख 88 हजार 544 छात्र लाभांवित होंगे। इनमें सबसे ज्यादा अल्पसंख्यक छात्र हैं। इसके लिए 647.38 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।

वर्ष 2024-25 में शिक्षण संस्थानों, विश्वविद्यालयों, एफिलिएटिंग एजेंसी और जिलास्तरीय अधिकारियों के स्तर पर मास्टर डाटा समय से लॉक नहीं किया गया। इसके अलावा शिक्षण संस्थान स्तर पर आवेदन लंबित रहने, डीएलएड आदि पाठ्यक्रमों का परीक्षाफल देर से घोषित किए जाने, ट्रांजेक्शन फेल होने और बजट के अभाव में सभी वर्गों के काफी छात्रों को भुगतान नहीं हो पाया था।

इन छात्रों में अनुसूचित जाति के 1 लाख, अनुसूचित जनजाति के 662, अन्य पिछड़ा वर्ग के 1 लाख 35 हजार और अल्पसंख्यक समुदाय के 2 लाख 52 हजार 882 छात्र शामिल हैं। इन सभी छात्रों के लिए एक माह पोर्टल खोला जाएगा। धनराशि की व्यवस्था अनुपूरक बजट से की जाएगी।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0
RNI News Reportage News International (RNI) is India's growing news website which is an digital platform to news, ideas and content based article. Destination where you can catch latest happenings from all over the globe Enhancing the strength of journalism independent and unbiased.