भूली-बिसरी जमा राशि लौटाने का बड़ा अभियान: 174 खाताधारकों को मिले 1.33 करोड़, आगरा में 7.8 लाख निष्क्रिय खातों में अब भी 240 करोड़ फंसे
आगरा (आरएनआई)। आगरा मंडल में वर्षों से निष्क्रिय पड़े खातों में जमा धनराशि वापस दिलाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। शुक्रवार को मंडलायुक्त कार्यालय सभागार में आयोजित विशेष शिविर में 174 खाताधारकों को 1.33 करोड़ रुपये लौटाए गए। शहर के 22 बैंकों में करीब 7.82 लाख निष्क्रिय खातों में 240.86 करोड़ रुपये जमा हैं, जिन्हें पहचान कर सही खाताधारकों तक पहुंचाने के लिए एक माह का विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
शिविर में सभी बैंकों के प्रतिनिधि मौजूद रहे और खाताधारकों को उनकी जमा राशि के निस्तारण प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। लीड बैंक मैनेजर ऋषिकेश बनर्जी ने बताया कि केंद्र सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक की पहल पर यह विशेष अभियान शुरू किया गया है। 25 दिसंबर तक ऐसे शिविर आयोजित कर लोगों को जागरूक किया जाएगा, ताकि वे अपनी निष्क्रिय खातों में फंसी राशि का दावा कर सकें।
डंप पड़े खातों में अधिकतर वे पैसे हैं जिन्हें लोग या तो भूल गए, या खाते कई वर्षों से संचालित न होने के कारण निष्क्रिय हो गए। बनर्जी के अनुसार लोगों को यह जानकारी नहीं होती कि बैंक खातों, बीमा पॉलिसियों, एनपीएस और म्यूचुअल फंड में जमा राशि का दावा कैसे किया जाता है। इसी वजह से लाखों रुपये वर्षों तक बिना उपयोग के पड़े रहते हैं।
खाताधारक को क्या करना होगा
अगर किसी व्यक्ति का खाता 10 वर्षों से निष्क्रिय है तो संबंधित बैंक शाखा में संपर्क करना होगा। बैंक अधिकारी निष्क्रिय खाताधारक पोर्टल पर नाम की जांच करेंगे। नाम मिलने पर ‘DEF फॉर्म’ भरवाया जाएगा, जिसमें आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, पासपोर्ट साइज फोटो और पासबुक की कॉपी जमा करनी होगी।
सभी दस्तावेज सत्यापित होने के बाद बैंक प्रतिनिधि इन्हें आरबीआई मुख्यालय भेजेंगे। प्रक्रिया पूरी होने पर 10–15 दिनों के भीतर खाताधारक के सक्रिय खाते में जमा राशि भेज दी जाएगी।
आगरा में इस बड़े अभियान से लाखों लोगों को अपनी भूली-बिसरी जमा राशि वापस मिलने की उम्मीद है।
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