भय, चिंता और तनाव को दूर करके मन को शांति प्रदान करता है महामृत्युंजय मंत्र का जप : आचार्य रामनिहोर त्रिपाठी
(डॉ. गोपाल चतुर्वेदी)
वृन्दावन (आरएनआई) गौरा नगर कॉलोनी स्थित सिद्ध पीठ दुर्गा मन्दिर में श्रावण मास के अवसर पर मां भगवती जगदम्बा के पावन सानिध्य में महा मृत्युंजय एवं हनुमान चालीसा का दिव्य अनुष्ठान चल रहा है।जिसके अंतर्गत प्रख्यात धर्माचार्य पण्डित रामनिहोर त्रिपाठी के आचार्यत्व में वेदज्ञ ब्राह्मणों के द्वारा सवा लाख महामृत्युंजय का जप एवं ग्यारह हजार हनुमान चालीसा पाठ किए जा रहे हैं।इसके अलावा श्रावण के प्रत्येक सोमवार को फूल बंगला सजाए जा रहे हैं।
आचार्य रामनिहोर त्रिपाठी ने कहा कि धर्मग्रंथों के अनुसार महामृत्युंजय जप का अत्यधिक धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। यह भगवान शिव को समर्पित एक शक्तिशाली मंत्र है।जिसका जाप करने से अकाल मृत्यु से रक्षा होती है, स्वास्थ्य लाभ होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
उन्होंने कहा कि महामृत्युंजय मंत्र का जप करने से व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक रोगों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख, शांति, और समृद्धि आती है, और धन-धान्य में वृद्धि होती है। यह मंत्र भय, चिंता और तनाव को दूर करके मन को शांति प्रदान करता है।श्रावण मास में इसके सवा लाख जप करने पर भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है, विवाह में आने वाली समस्त बाधाएं दूर होती हैं और संतान प्राप्ति की मनोकामना पूरी होती है।
आचार्य रामनिहोर त्रिपाठी ने कहा कि रामायण के अनुसार भगवान शंकर के अवतार श्रीहनुमानजी महाराज को भगवान श्रीराम का अत्यधिक प्रिय भक्त कहा गया है।मां जानकी के आशीर्वाद से सप्त चिरंजीवियों में भी उनका प्रमुख स्थान है।इसीलिए अनुष्ठान के अंतर्गत श्रीहनुमान चालीसा के ग्यारह पाठ किए जा रहे।
कन्हैया लाल अग्रवाल (स्वीटी सुपारी वाले), प्रख्यात साहित्यकार डॉ. गोपाल चतुर्वेदी, प्रमुख समाजसेवी सुरेशचंद्र सक्सैना, पूर्व पार्षद मनोज सक्सैना, नीरज सक्सैना, डॉ. राधाकांत शर्मा, भरत लाल आदि की उपस्थिति विशेष रही।
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