बाढ़ और बारिश से बेहाल किसान, CM चुनाव प्रचार में व्यस्त — उद्धव ठाकरे ने दी रास्ता रोको आंदोलन की चेतावनी
मुंबई (आरएनआई)। महाराष्ट्र में भारी बारिश और बाढ़ से किसानों की हालत गंभीर बनी हुई है। खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद हो चुकी हैं और ग्रामीण इलाकों में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। ऐसे समय में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बिहार में चुनाव प्रचार में व्यस्त होने पर शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने तीखा हमला बोला है। ठाकरे ने कहा कि जब किसान संकट में हैं, तब मुख्यमंत्री राज्य की जनता को छोड़कर दूसरे प्रदेश में वोट मांगने में लगे हैं।
मराठवाड़ा के नांदर गांव से अपने दौरे की शुरुआत करते हुए उद्धव ठाकरे ने बीड, पाथरुड और शिरसव गांवों का भी दौरा किया और किसानों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि कृषि ऋण माफी पर 30 जून 2026 तक फैसला टालना किसानों के साथ सरासर अन्याय है। ठाकरे ने चेतावनी दी कि अगर किसानों की मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं तो शिवसेना राज्यव्यापी ‘रास्ता रोको आंदोलन’ शुरू करेगी।
उद्धव ठाकरे ने महिलाओं के मुद्दे को भी उठाया और कहा कि सरकार केवल वादों के सहारे जनता को भ्रमित कर रही है। उन्होंने सवाल किया कि मुख्यमंत्री बिहार में महिलाओं को ₹10,000 देने का वादा कर रहे हैं, जबकि महाराष्ट्र में महिलाओं को मात्र ₹1,500 ही मिल रहे हैं। क्या यह भेदभाव सिर्फ इसलिए है क्योंकि बिहार में चुनाव हो रहे हैं?
ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि फडणवीस कहते हैं, प्रधानमंत्री बिहार से सबसे ज्यादा प्यार करते हैं, तो क्या महाराष्ट्र उनके लिए सौतेला है? उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को पूरे देश से समान प्रेम होना चाहिए, न कि केवल चुनावी राज्यों से। ठाकरे ने जनता से अपील की कि वे सरकार के झूठे वादों के जाल में न फंसें और एकजुट होकर आंदोलन के लिए तैयार रहें। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा सत्र में किसानों की समस्या को लेकर सरकार को जवाब देना ही होगा।
राज्य सरकार द्वारा घोषित ₹31,628 करोड़ के राहत पैकेज पर भी ठाकरे ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों के खातों में नाममात्र की राशि भेजी है। कई जगह किसानों को सिर्फ दो या छह रुपये की सहायता दी गई है, जो किसानों का अपमान है। ठाकरे ने मांग की कि किसानों को प्रति हेक्टेयर ₹50,000 मुआवजा दिया जाए और सम्पूर्ण ऋण माफी तुरंत लागू की जाए।
धाराशिव में आयोजित सभा के दौरान ठाकरे ने बीमा कंपनियों को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि किसान ₹1,500 तक का प्रीमियम भरते हैं, लेकिन बदले में उन्हें दो या तीन रुपये का मुआवजा दिया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर बीमा कंपनियां 15 से 30 दिनों में भुगतान नहीं करतीं, तो किसान खुद उनके दफ्तरों तक जाएंगे।
उद्धव ठाकरे ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे उन किसानों का पूरा डेटा इकट्ठा करें जिन्हें न्यूनतम मुआवजा मिला है। उन्होंने कहा कि ‘आनंदाचा शिधा’ और ‘शिव भोजन योजना’ जैसी जनकल्याणकारी योजनाएं ठप पड़ी हैं और सरकार किसानों को पूरी तरह बेसहारा छोड़ चुकी है।
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