बलूचिस्तान में बगावत की आग भड़की, पाकिस्तान में दहशत — इंटरनेट सेवाओं पर बैन, सुरक्षा अलर्ट जारी
कराची (आरएनआई)। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। बलोच विद्रोहियों और पाकिस्तानी सेना के बीच बढ़ती झड़पों के बीच सरकार ने पूरे प्रांत में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं। यह फैसला गृह मंत्रालय द्वारा जारी उच्च स्तरीय सुरक्षा अलर्ट के बाद लिया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, इंटरनेट पर प्रतिबंध 12 नवंबर से 16 नवंबर, 2025 तक लागू रहेगा। केवल राजधानी क्वेटा को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है, हालांकि बुधवार को शहर के कई इलाकों में लोगों ने इंटरनेट सेवाएं ठप होने की शिकायत की। गृह विभाग ने सभी जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को तुरंत आदेश लागू करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, जनता के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया है।
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि राष्ट्रीय राजमार्ग एन-70 के लोरलाई खंड पर 14 नवंबर तक वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है, जबकि क्वेटा के कैंटोनमेंट क्षेत्र के सभी स्कूलों को 16 नवंबर तक बंद रखने का आदेश दिया गया है।
बलूचिस्तान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “सुरक्षा हालात अत्यंत नाजुक हैं। प्रतिबंध लगाने का उद्देश्य शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना है।”
दरअसल, बलूचिस्तान में बलोच आर्मी और अन्य उग्रवादी संगठनों की ओर से पाकिस्तानी सेना पर लगातार हमले हो रहे हैं। वहीं सेना की जवाबी कार्रवाई भी बेहद कठोर रही है। मानवाधिकार संगठनों का आरोप है कि पाकिस्तानी सेना बलोच नेताओं के अपहरण और नागरिकों की हत्याओं में लिप्त है।
हाल ही में, 18 सितंबर 2025 को जेहरी इलाके में पाकिस्तानी सेना की एयरस्ट्राइक में तीन निर्दोष नागरिकों की मौत हुई थी। इस घटना के बाद से प्रांत में विरोध और गुस्सा और तेज हो गया है।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, बलूचिस्तान में अब गृहयुद्ध जैसे हालात बन चुके हैं। लोग दहशत में हैं, जबकि सरकार इंटरनेट बंदी और सुरक्षा सख्ती के जरिए स्थिति पर नियंत्रण की कोशिश कर रही है। लेकिन जमीन पर शांति की उम्मीदें फिलहाल बेहद धुंधली दिख रही हैं।
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