नेपाल में बेकाबू हालात: पूर्व पीएम शेर बहादुर देउबा और पत्नी पर हमला, VIDEO आया सामने
पूर्व प्रधानमंत्री और नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा और उनकी पत्नी आरजू राणा देउबा पर हमला किया गया है। नेपाल क राजधानी काठमांडू में बढ़ते Gen Z प्रदर्शनों के दौरान प्रदर्शनकारियों ने दोनों पर हमला किया।
काठमांडू (आरएनआई) नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री पर हमले का मामला सामने आया है। इसके साथ ही उनकी पत्नी और नेपाल की विदेश मंत्री पर भी हमला किया गया है। दरअसल, नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष और पूर्व पीएम शेर बहादुर देउबा पर प्रदर्शनकारियों ने हमला कर दिया। इस दौरान उनकी पत्नी और नेपाल की विदेश मंत्री आरजू राणा देउबा पर भी हमला किया गया है। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें शेर बहादुर देउबा को लहूलुहान हालत में देखा जा सकता है। देउबा को प्रदर्शनकारियों के बीच से जान बचाकर भागते हुए देखा जा सकता है।
नेपाल में सोशल मीडिया पर बैन और भ्रष्टाचार के खिलाफ युवाओं का विरोध प्रदर्शन हिंसक रूप ले चुका है। इस हिंसक प्रदर्शन में शामिल युवा कई शहरों में तोड़फोड़ और हंगामा मचा रहे हैं। बिगड़ते हालात के बीच प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने इस्तीफा दे दिया है। इस बीच, नेपाल के वित्त मंत्री को सड़क पर दौड़ाया गया और उन्हें बुरी तरह पीटा गया है। प्रदर्शनकारियों ने नेपाल के वित्त मंत्री विष्णु पौडेल को सड़क पर दौड़ाया और उन्हें पीटा है। नेपाल के Gen Z युवाओं के इस विरोध प्रदर्शन ने सरकार को हिलाकर रख दिया है।
हिंसक प्रदर्शन के दबाव में पहले गृह मंत्री रमेश लेखक, कृषि मंत्री रामनाथ अधिकारी, स्वास्थ्य मंत्री प्रदीप पौडेल और जल आपूर्ति मंत्री प्रदीप यादव ने इस्तीफा दिया। हालात को बेकाबू होते देख प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को भी अपना पद छोड़ना पड़ा। गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन में घुसकर तोड़फोड़ की और आग लगा दी। इसके अलावा, पूर्व प्रधानमंत्रियों पुष्प कमल दहल प्रचंड और शेर बहादुर देउबा के घरों पर भी हमला हुआ। गृह मंत्री रमेश लेखक और संचार मंत्री पृथ्वी सुब्बा गुरुंग के घरों को भी जला दिया गया। पुलिस ने सख्ती दिखाई, लेकिन हालात काबू में नहीं आ रहे हैं। इस हिंसा में अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों लोग घायल हुए हैं।
नेपाल सरकार ने घोषणा की है कि उसने देश में सोशल मीडिया साइटों पर प्रतिबंध लगाने के अपने पहले के फैसले को वापस ले लिया है। यह फैसला जेन-जी द्वारा किए गए हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद लिया गया है, जिसमें कम से कम 19 लोग मारे गए और 300 से ज्यादा घायल हुए। नेपाल के संचार, सूचना एवं प्रसारण मंत्री पृथ्वी सुब्बा गुरुंग ने यह घोषणा करते हुए कहा कि सरकार ने कैबिनेट की एक आपात बैठक के बाद सोशल मीडिया साइटों पर प्रतिबंध लगाने के अपने पहले के फैसले को वापस ले लिया है।
इसके अलावा, गुरुंग ने कहा कि सूचना मंत्रालय ने संबंधित एजेंसियों को 'जेन-जी' की मांगों के अनुसार सोशल मीडिया साइटों को फिर से शुरू करने की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया है, जिन्होंने काठमांडू के मध्य में संसद के सामने एक बड़े विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया था। गौरतलब है कि तीन दिन पहले ही नेपाल सरकार ने फेसबुक और 'एक्स' सहित 26 सोशल मीडिया साइटों पर प्रतिबंध लगा दिया था, क्योंकि वे नेपाल सरकार के साथ पंजीकरण नहीं करा पाई थीं।
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