तिरुपति लड्डू घोटाला: पांच साल तक नकली घी से बना प्रसाद, 250 करोड़ रुपये का खुलासा

Nov 10, 2025 - 15:32
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तिरुपति लड्डू घोटाला: पांच साल तक नकली घी से बना प्रसाद, 250 करोड़ रुपये का खुलासा

नई दिल्ली (आरएनआई) — देश के सबसे पवित्र धार्मिक स्थलों में शुमार तिरुमला तिरुपति बालाजी मंदिर के प्रसिद्ध ‘श्रीवारी लड्डू प्रसाद’ से जुड़ा एक बड़ा घोटाला सामने आया है। सीबीआई की जांच में पता चला है कि पिछले पांच सालों से मंदिर को नकली घी की सप्लाई की जा रही थी। यह घोटाला करीब 250 करोड़ रुपये का बताया जा रहा है।

सीबीआई की विशेष जांच टीम (एसआईटी) के अनुसार, उत्तराखंड के भगवानपुर में स्थित ‘भोले बाबा ऑर्गेनिक डेयरी’ नाम की एक यूनिट ने 2019 से 2024 तक तिरुपति मंदिर को 68 लाख किलो नकली घी की सप्लाई की। जांच में खुलासा हुआ कि इस डेयरी ने कभी असली दूध या मक्खन की खरीद नहीं की, बल्कि रासायनिक पदार्थों—मोनोडाईग्लिसराइड्स और एसिटिक एसिड एस्टर—का उपयोग कर कृत्रिम घी तैयार किया गया।

इस घोटाले का भंडाफोड़ तब हुआ जब सीबीआई ने आरोपी अजय कुमार सुगंध को गिरफ्तार किया, जिसने डेयरी को यह केमिकल सप्लाई किए थे। रिपोर्ट के अनुसार, डेयरी संचालक पोमिल जैन और विपिन जैन ने झूठे दूध खरीद रिकॉर्ड तैयार किए और 2022 में ब्लैकलिस्ट होने के बाद भी नई कंपनियों—वैष्णवी डेयरी (तिरुपति), माल गंगा डेयरी (उत्तर प्रदेश) और एआर डेयरी फूड्स (तमिलनाडु)—के नाम पर घी की आपूर्ति जारी रखी।

जांच में यह भी पाया गया कि जुलाई 2023 में टीटीडी द्वारा रिजेक्ट किए गए चार टैंकर घी, जिनमें पशु वसा की मिलावट थी, को भोले बाबा डेयरी ने लेबल बदलकर दोबारा मंदिर को भेज दिया। एफएसएसएआई और सीबीआई की टीम जब तमिलनाडु के डींडिगुल स्थित एआर डेयरी प्लांट पहुंची, तो पता चला कि रिजेक्ट घी को स्थानीय स्टोन क्रशिंग यूनिट में भेजा गया था, जो वैष्णवी डेयरी के पास स्थित थी। अगस्त 2024 में इसी घी को वैष्णवी डेयरी ने प्रोसेस कर नए लेबल लगाकर फिर से मंदिर को भेज दिया, और वही घी लड्डू प्रसाद में इस्तेमाल हुआ।

सीबीआई ने अपनी रिमांड रिपोर्ट में कहा कि यह मामला केवल आर्थिक धोखाधड़ी नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ है। एजेंसी अब इस बात की जांच कर रही है कि तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के किन अधिकारियों की मिलीभगत इस पूरे घोटाले में रही।

गौरतलब है कि यह मामला बीते वर्ष सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था। शीर्ष अदालत ने इस पर गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा था कि “यह करोड़ों लोगों की आस्था का प्रश्न है, इसमें राजनीतिक नाटक नहीं होना चाहिए।” अदालत ने इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित करने के निर्देश दिए थे।

विवाद के बाद टीटीडी ने 21 सितंबर 2024 को बयान जारी कर दावा किया कि श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर का प्रसाद अब पूरी तरह से शुद्ध है और इसकी पवित्रता को बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। मंदिर प्रबंधन ने कहा कि “श्रीवारी लड्डू की दिव्यता और पवित्रता अब पूरी तरह बेदाग है।”

सीबीआई और एफएसएसएआई की जांच फिलहाल जारी है, और देशभर के भक्तों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि तिरुपति लड्डू घोटाले में और कौन-कौन से बड़े नाम सामने आते हैं।

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