गुना नेशनल लोक अदालत में 1648 मामले निपटे, 82 करोड़ से अधिक के अवॉर्ड से 2088 लोग लाभांवित

Sep 13, 2025 - 20:11
Sep 13, 2025 - 20:21
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गुना नेशनल लोक अदालत में 1648 मामले निपटे, 82 करोड़ से अधिक के अवॉर्ड से 2088 लोग लाभांवित

गुना (आरएनआई) राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं मप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार एवं प्रधान जिला न्यायाधीश/ अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गुना अमिताभ मिश्र द्वारा "बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय" की अवधारणा पर आज 13 सितम्बर, 2025 शनिवार को जिला गुना एवं सिविल न्यायालय चांचौडा/राधौगढ़/आरोन में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। उक्त नेशनल लोक अदालत में 23 खंडपीठों ने न्यायालयों में लंबित 707 मामलों का निराकरण कराया जाकर 7 करोड़ 25 लाख 51 हजार 372/- की राशि के अवॉर्ड पारित हुये तथा बैंक, नगरपालिका, विद्युत व बी.एस.एन.एल. के 941 पूर्ववाद प्रकरणों में 95 लाख 67 हजार 629/- की राशि लोक अदालत के माध्यम से वसूल की गयी। इसके अतिरिक्त नेशनल लोक अदालत की सफलता की कहानी इस प्रकार रही कि लोक अदालत की खण्डपीठ क. 06 पंचम जिला न्यायाधीश गुना ओ.पी. रघुवंशी के न्यायालय में वर्ष 2015 से एक सिविल प्रकरण लंबित था।

 उक्त प्रकरण में वादीगण मृत डॉ.बीरेन्द्र कुमार जैन की ओर उनके पुत्र डॉ. जम्मू कुमार जैन, पत्नी श्रीमती सुशीला जैन तथा वादी डॉ. अमित कुमार जैन ने गढ़ा कॉलोनी गुना स्थित वादग्रस्त भवन /अस्पताल के संबंध में घोषणा एवं संविदा के पालन की सहायता प्रतिवादीगण राजेन्द्र कुमार जैन तथा मनोज कुमार जैन के विरूद्ध प्रस्तुत किया। उक्त प्रकरण में प्रतिवादीगण ने भवन लीज पर देना बताते हुये किराये वापिसी और रिक्त आधिपत्य हेतु प्रतिदावा भी प्रस्तुत किया था। उक्त प्रकरण में उभयपक्ष के मध्य न्यायालय द्वारा लगातार समझाइश का प्रयास किया गया जो सफल रहा और न्यायालय में हुयी लोक अदालत में उभयपक्ष राजीनामा के लिये तैयार हुये। वादीगण ने वादग्रस्त संपत्ति/अस्पताल का रिक्त आधिपत्य प्रतिवादीगण को दे दिया। उक्त प्रकरण में वादग्रस्त भवन/अस्पताल में मेडिकल व्यवसाय संबंधी सभी उपकरण व वस्तुएँ प्रतिवादीगण ने वादीगण को वापिस करना व्यक्त किया। प्रतिवादी पक्ष द्वारा वादी पक्ष को दो करोड रूपये का चेक प्रदान किया गया। इसके साथ ही वादग्रस्त भवन जिसमें अस्पताल संचालित थी उसमें लगे विद्युत उपकरण तथा अन्य सामान के बदले प्रतिवादीगण ने वादीगण को तीस लाख का चेक भी दिया। उक्त प्रकरण में यह भी समझौता हुआ कि पूर्व में वादीगण ने प्रतिवादी पक्ष को जो चार करोड अस्सी लाख रूपये का चेक दिया था उसमें दो करोड उनतीस लाख रूपये की राशि का समायोजन किया जावेगा। इस प्रकार उभयपक्ष के मध्य आपसी सहमति से राजीनामा होकर एक 10 वर्ष पुराने प्रकरण का निराकरण हुआ। इसके साथ ही उपभोक्ता फोरम में गैस सिलेण्डर से हुयी एक ही परिवार के चार लोगों की मृत्यु के प्रकरण में 28 लाख का मुआवजा बीमा कंपनी की ओर से दिलवाया गया।

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