गाजा से बंधकों की रिहाई को लेकर इस्राइल में प्रदर्शन, ट्रंप से दखल देने की मांग
इस्राइल हमास के बीच बीते डेढ़ साल से चल रहे युद्ध विराम की मांग फिर उठ रही है। दोहा में चल रही वार्ता के बीच इस्राइल की जनता सड़कों पर उतर आई है। लोगों ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से युद्ध विराम में हस्तक्षेप करने की मांग की है।
तेल अवीव (आरएनआई) इस्राइल-हमास के बीच गाजा में करीब डेढ़ साल से चल रहे युद्ध को रोकने की मांग उठ रही है। समझौते की मांग को लेकर इस्राइल की जनता सड़कों पर उतर आई है। लोगों ने युद्ध विराम को लेकर समझौता करने की मांग की। लोगों ने कहा कि युद्ध समाप्त किया जाए और गाजा में बंद सभी 50 जीवित और मृत बंदियों को वापस लाया जा सके। साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को समझौते कराने के लिए हस्तक्षेप करना चाहिए। प्रदर्शनकारी हाथों में बैनर लिए हुए थे, जिस पर लिखा था कि ट्रंप को बड़ा समझौता कराना चाहिए।
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका लगातार प्रयास कर रहा है कि गाजा में संघर्ष को खत्म करने के लिए सभी संबंधित पक्षों को एक टेबल पर लाया जा सके। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो यह संघर्ष और जटिल हो सकता है और इसका असर पूरे पश्चिम एशिया पर पड़ेगा। अमेरिका यह भी सुनिश्चित करना चाहता है कि गाजा में मानवीय संकट न बढ़े।
गाजा में इस्राइल और हमास के बीच जारी संघर्ष को लेकर दोहा में युद्ध विराम वार्ता चल रही है। हमास के प्रवक्ता ने शुक्रवार को कहा कि समूह अंतरिम युद्धविराम पर विचार नहीं करेगा। हमास के इज़्ज़ुद्दीन अल-क़स्साम ब्रिगेड के प्रवक्ता अबू उबैदा ने कहा कि हम चल रही वार्ता पर बारीकी से नजर रख रहे हैं और आशा करते हैं कि इसमें एक मजबूत समझौता होगा, जो हमारे लोगों के खिलाफ युद्ध की समाप्ति, कब्जा करने वाली सेनाओं की वापसी और हमारे लोगों को राहत की गारंटी देगा।
वहीं काउंसिल ऑन अमेरिकन-इस्लामिक रिलेशंस (सीएआईआर) ने गाजा में भुखमरी के बावजूद कार्रवाई न करने के लिए वैश्विक समुदाय की निंदा की है। सीएआईआर ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने हमारी अपनी सरकार की मिलीभगत से बेंजामिन नेतन्याहू की अति-दक्षिणपंथी सरकार द्वारा फलस्तीनी नागरिकों के नरसंहार को न केवल सहन किया है, बल्कि उसे सामान्य बना दिया है। ये दुर्घटनाएं नहीं हैं। ये अमेरिकी करदाताओं द्वारा दिए गए अरबों डॉलर के हथियारों और सहायता से समर्थित क्रूरता और दंडमुक्ति की प्रणाली के परिणाम हैं। हम इस्राइल के हमले के लिए अमेरिका के सभी समर्थन को समाप्त करने के लिए तत्काल कार्रवाई की मांग करते हैं। चुप्पी नरसंहार में सहभागिता है और नरसंहार को सामान्य बनाना मानवता के साथ विश्वासघात है।
7 अक्तूबर 2023 को हमास ने इस्राइल पर हमला किया, जिसमें 1,200 लोग मारे गए और 250 को बंधक बना लिया गया। जवाब में इस्राइल ने गाजा पर भीषण सैन्य अभियान शुरू किया, जिसमें अब तक 58,000 से अधिक फलस्तीनी मारे जा चुके हैं, जिनमें आधे से ज्यादा महिलाएं और बच्चे हैं। पूरी गाजा पट्टी में लगभग सभी लोग विस्थापित हो चुके हैं, और बुनियादी सुविधाएं पूरी तरह तबाह हैं।
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