कश्मीर से दार्जिलिंग तक भीषण ठंड का कहर, मैदानों में घने कोहरे से जनजीवन और उड़ानें प्रभावित
नई दिल्ली (आरएनआई)। देश के उत्तरी, पश्चिमी और पूर्वी हिमालयी इलाकों से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक कड़ाके की सर्दी का असर साफ दिखाई दे रहा है। कश्मीर से दार्जिलिंग तक पहाड़ी क्षेत्र भीषण ठंड की चपेट में हैं, जहां कई जगहों पर तापमान शून्य से काफी नीचे चला गया है, जबकि मैदानी इलाकों में घने कोहरे ने सड़क, रेल और हवाई यातायात को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।
कश्मीर में तीन दिन की राहत के बाद ठंड एक बार फिर लौट आई है। आसमान साफ रहने के कारण रात के तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई है। श्रीनगर में न्यूनतम तापमान बुधवार को 3 डिग्री सेल्सियस था, जो बृहस्पतिवार को गिरकर माइनस 2.2 डिग्री तक पहुंच गया। जम्मू संभाग में भी तापमान में गिरावट देखी गई है। उधर, पश्चिमी हिमालयी राज्यों में आज से मौसम में बदलाव की संभावना जताई गई है और ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी हो सकती है।
हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में पश्चिमी विक्षोभ के असर की चेतावनी दी है। 28 दिसंबर के बाद ऊंचे इलाकों में हल्की बर्फबारी और बारिश की संभावना है, जबकि 30 और 31 दिसंबर को भी कुछ क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है। हालांकि इस बार शिमला, मनाली और अन्य पर्यटन स्थलों पर क्रिसमस के दौरान बर्फ नहीं पड़ने से पर्यटकों और पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों को निराशा हाथ लगी है।
राज्य के निचले पहाड़ी और मैदानी इलाकों में कोहरे का असर ज्यादा देखने को मिल रहा है। हिमाचल के बिलासपुर में घने से बहुत घने कोहरे का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि ऊना, हमीरपुर, मंडी, कांगड़ा, सोलन और सिरमौर में यलो अलर्ट लागू किया गया है। दृश्यता बेहद कम रहने के कारण वाहन चालकों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान कुकुमसेरी में माइनस 6.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि ऊना में अधिकतम तापमान 24.4 डिग्री सेल्सियस रहा।
घने कोहरे का असर हवाई यातायात पर भी पड़ा है। घरेलू एयरलाइन इंडिगो ने खराब मौसम के चलते 67 उड़ानें रद्द कर दी हैं। इनमें बेंगलुरु, वाराणसी, चंडीगढ़, अगरतला और देहरादून जैसे प्रमुख हवाई अड्डे शामिल हैं। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने 10 दिसंबर से 10 फरवरी तक के समय को आधिकारिक तौर पर ‘कोहरा काल’ घोषित किया है, जिसके दौरान केवल प्रशिक्षित पायलटों और कैट-3बी तकनीक से लैस विमानों को ही संचालन की अनुमति होती है।
राजस्थान में बर्फीली उत्तर-पश्चिमी हवाओं के कारण शीतलहर का प्रकोप जारी है। सीकर जिले का फतेहपुर राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 1.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं पंजाब के कई हिस्सों में घने से बेहद घना कोहरा और शीतलहर से ठिठुरन बढ़ गई है। आदमपुर में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
पूर्वी भारत में भी ठंड का असर दिखाई दे रहा है। पश्चिम बंगाल के पहाड़ी शहर दार्जिलिंग में न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे कम रहा। हालांकि मौसम विभाग ने अगले सात दिनों तक शुष्क मौसम रहने और अधिकांश जिलों में हल्के से मध्यम कोहरे की संभावना जताई है।
कुल मिलाकर देश के बड़े हिस्से में सर्दी अपने चरम पर पहुंचती दिख रही है और आने वाले दिनों में पहाड़ों में बर्फबारी तथा मैदानों में कोहरे के चलते जनजीवन पर इसका असर और बढ़ सकता है।
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