ईरान मुद्दे पर कश्मीर में उबाल: शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार छीनना गलत, मीरवाइज बोले— अभिव्यक्ति का हो सम्मान
श्रीनगर (आरएनआई)। जम्मू-कश्मीर में ईरान के सुप्रीम लीडर की हत्या की खबर के बाद विरोध-प्रदर्शनों का सिलसिला जारी है। इस बीच हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक ने प्रदर्शनों के दौरान लोगों को हिरासत में लिए जाने को गैर-जरूरी बताते हुए उनकी तत्काल रिहाई की मांग की है।
मीरवाइज ने बुधवार को कहा कि शांतिपूर्ण विरोध करना और आहत भावनाओं को अभिव्यक्त करना लोगों का लोकतांत्रिक अधिकार है, जिसका सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की हत्या के विरोध में हुए प्रदर्शनों के दौरान हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा करने की अपील की।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए मीरवाइज ने कहा कि प्रदर्शनकारियों और शोक जता रहे लोगों— जिनमें महिलाएं और नाबालिग भी शामिल हैं— को हिरासत में लेना दुर्भाग्यपूर्ण और अनावश्यक है। उन्होंने विरोध प्रदर्शनों को कवर करने वाले स्थानीय समाचार माध्यमों के सोशल मीडिया अकाउंट्स को ब्लॉक किए जाने और एफआईआर दर्ज किए जाने पर भी आपत्ति जताई।
कश्मीर घाटी से लेकर पीर पंजाल और जम्मू क्षेत्र तक विभिन्न स्थानों पर लोगों ने एकजुट होकर ईरान की हालिया घटनाओं की निंदा की है। कई स्थानों पर शांतिपूर्ण रैलियां निकाली गईं और शोक सभाएं आयोजित की गईं।
मीरवाइज ने प्रशासन से अपील की कि सभी हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा किया जाए तथा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर लगाए जा रहे प्रतिबंधों और दंडात्मक कार्रवाई की नीति की गंभीर समीक्षा की जाए, ताकि हालात सामान्य बने रहें और लोगों का भरोसा कायम रहे।
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