6 महीने में ₹52,614 का बिजली बिल, मीडिया हस्तक्षेप से ही सही हुआ
लखनऊ (आरएनआई) बिजली विभाग की लापरवाही का खामियाजा राधेश्याम सिंह को पूरे छह महीने तक भुगतना पड़ा। ग्राम अमराई, चिनहट (लखनऊ) निवासी उपभोक्ता का बिजली बिल ₹52,614.05 बन गया था। सही खपत के अनुरूप बिल संशोधन कराने के लिए उपभोक्ता महीनों तक मुंशी पुलिया डिवीजन के चक्कर काटते रहे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
थक-हार कर जब राधेश्याम सिंह ने यूपीपीसीएल मीडिया कार्यालय से संपर्क किया और मामला डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उठाया, तभी विभाग हरकत में आया। इसके बाद अधिशासी अभियंता मुंशी पुलिया डिवीजन, अभय प्रताप सिंह ने बिल का संशोधन किया। संशोधन के बाद उपभोक्ता का बिल मात्र ₹2,673 निकला।
रिपोर्ट से हुआ खुलासा
22 सितम्बर 2025 को बेंटेक इंडिया लिमिटेड द्वारा जारी मीटर रिपोर्ट (सीरियल नं. 3151182) में पाया गया कि उपभोक्ता की खपत सामान्य रूप से बढ़ी थी:
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जून 2024: 67.65 यूनिट
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सितम्बर 2025: 359.23 यूनिट
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पावर फैक्टर: 0.98 से 1.00 (मानक के अनुरूप)
इससे स्पष्ट हुआ कि ₹52,000 से अधिक का बिल पूरी तरह गलत और मनमाना था।
विभाग की चेतावनी और अपील
यूपीपीसीएल ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे ऊर्जा दक्ष उपकरणों का प्रयोग करें और अनावश्यक लोड से बचें। साथ ही, रिपोर्ट में दर्ज टैम्पर काउंट ने संकेत दिया कि बिजली चोरी या छेड़छाड़ की संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। विभाग ने चेतावनी दी है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सवाल अब भी बना हुआ है: उपभोक्ता को 6 महीने तक राहत क्यों नहीं मिली और जनता को अपनी समस्या उठाने के लिए मीडिया का सहारा क्यों लेना पड़ा?
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