बैंक शाखाओं में स्थानीय भाषा का उपयोग: कलकत्ता हाईकोर्ट ने मांगी रिपोर्ट, दिसंबर तक जवाब देने का आदेश
कोलकाता (आरएनआई)। कलकत्ता हाईकोर्ट ने बैंकों से पूछा है कि क्या वे आरबीआई के उस निर्देश का पालन कर रहे हैं, जिसमें ग्राहकों को दिए जाने वाले दस्तावेज अंग्रेजी, हिंदी और स्थानीय भाषा—तीनों में उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। अदालत ने इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट पेश करने को कहा है।
हाईकोर्ट में ‘बांग्ला पक्षो चैरिटेबल ट्रस्ट’ नामक एनजीओ की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई। याचिका में मांग की गई कि पश्चिम बंगाल की सभी बैंक शाखाओं में ग्राहक सेवाएं स्थानीय भाषा यानी बंगाली में भी उपलब्ध हों, जैसा कि आरबीआई ने निर्देशित किया है।
अदालत को बताया गया कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) समेत कुछ बैंकों ने अपनी-अपनी रिपोर्ट पहले ही जमा कर दी है। वहीं अन्य बैंकों को निर्देश दिया गया है कि वे दिसंबर के पहले सप्ताह में होने वाली अगली सुनवाई से पहले अपनी रिपोर्ट दाखिल करें, जिसमें वे यह बताएँ कि स्थानीय भाषा में दस्तावेज और बोर्ड उपलब्ध कराने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।
गौरतलब है कि आरबीआई ने 1 जुलाई 2014 को एक सर्कुलर जारी कर सभी बैंकों को आदेश दिया था कि शाखाओं में लगे साइनबोर्ड और ग्राहक से संबंधित मुद्रित सामग्री तीन भाषाओं—अंग्रेजी, हिंदी और स्थानीय भाषा—में उपलब्ध कराई जाए, ताकि सभी वर्ग के लोग बिना भाषाई बाधा के बैंकिंग सेवाओं का लाभ उठा सकें।
इससे पहले पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने अदालत में कहा था कि वह आरबीआई के निर्देशों का पालन करेगा और सभी जरूरी दस्तावेज अंग्रेजी, हिंदी और बंगाली में उपलब्ध कराएगा।
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