गुनिया नदी पर अतिक्रमण: कॉलोनाइज़र की धोखाधड़ी से फंसे आम नागरिक, प्रशासन सख्त
गुना (आरएनआई) गुनिया नदी सहित शहर के नदी नालों के बहाव क्षेत्र में चिन्हित अतिक्रमण हटाया जाए,यह मांग अतिक्रमणकारियों को छोड़कर सभी की है। जिन लोगों ने जानबूझकर नदी नालों की जमीन को निजी मिल्कियत मानकर कब्जा किया है उनसे तो शासन को जुर्माना और अतिक्रमण हटाने का व्यय भी वसूलना चाहिए।
लेकिन उन बेचारों का क्या कसूर जिन्हें असलियत छुपाकर और धोखे में रखकर कॉलोनाइजर्स ने प्लॉट बेचा था और मोटी राशि हड़प कर चलते बने थे। तब किसी ने रोका नहीं तो इन बेचारों ने उन प्लॉट पर अपने खून पसीने की कमाई से निर्माण भी कर लिया। यदि आम नागरिकों के साथ छल करने वाले इन कॉलोनाइजर्स पर एफआईआर दर्ज करवा कर उनसे पीड़ितों को क्षतिपूर्ति राशि दिलाने की कार्यवाही नहीं हुई तो ये अन्याय होगा।
नदी नालों के बहाव क्षेत्र में अतिक्रमण को लेकर इस बार प्रशासन फिलहाल तक तो सख्त दिख रहा है। गुनिया नदी के बहाव क्षेत्र के दोनों किनारों पर पूर्व में बाढ़ का पानी जिस अधिकतम स्तर तक आया था उसे चिन्हित कर दोनों किनारों के मकानों पर लाल रंग से निशान लगाए जा रहे हैं। जल संसाधन विभाग के नियम अनुसार नदी के बहाव क्षेत्र में किनारों से 50 फुट दूर तक कोई निर्माण नहीं होना चाहिए। इन नियमों को लेकर एन.जी.टी. भी सख्त है।
इसी तरह बहाव क्षेत्र में अतिक्रमण भी चिन्हित किए जा चुके हैं। 150 से अधिक अतिक्रमण चिन्हित किए जाने की जानकारी सूत्रों के हवाले से सामने आई है। "अतिक्रमण" शब्द का अर्थ ही है कि सरकार द्वारा इसे किसी भी वक्त हटाया जा सकता है। जाहिर है अतिक्रमण में चिन्हित मकानों पर कभी भी बुलडोजर चल सकता है।
चूंकि अतिक्रमणकारी को शासन की ओर से कोई मुआवजा दिया जाता हो ऐसा कोई नियम मेरी नज़र में तो नहीं है। इसलिए इसकी भरपाई कॉलोनाइजरों से ही कराई जाना चाहिए। पीड़ित व्यक्ति को भी सही दिशा में अपनी लड़ाई खुद लड़ने की मानसिकता बना कर रखना होगा। अतिक्रमण तोड़े जाने पर शासन प्रशासन की जिंदाबाद मुर्दाबाद करने में वक्त बर्बाद करने के बजाए उसे भी अपने साथ छल करने वाले कॉलोनाइजर के विरुद्ध खुद थाने में जाकर एफआईआर दर्ज करवाना होगी। या फिर अपराध में संज्ञान लेने की याचिका अदालत में दायर करना होगी, ताकि उसके नुकसान की भरपाई हो सके। उनके पास एक मात्र विकल्प यही होगा जिससे उनकी भरपाई हो सकती है।
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शिकायत किस प्रकार लिखी जाए, कानून का अल्पज्ञानी होने के बाद भी सुविधा के लिए यहां एक प्रारूप दे रहा हूं। किसी कुशल विधिवेत्ता से भी मदद जरूर ली जाए।
#प्रारूप
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प्रति,
श्रीमान थाना प्रभारी महोदय
थाना (थाने का नाम) जिला
विषय: एफआईआर दर्ज करने बाबत। महोदय, मेरा नाम xyz आयु xyz पता xyz है। मैंने विक्रेता कॉलोनाइजर नाम xyz से दिनांक xyz को राशी रुपए 000 का नगद भुगतान कर तथा राशि रुपए 000 का चैक से भुगतान करते हुए कुल राशी रुपए 000 का भुगतान कर (कॉलोनी का नाम) में एक प्लॉट खरीदा था, जिसका सर्वे क्रमांक xyz तथा साइज 00×00 वर्गफुट है। इस प्लॉट की जिला पंजीयन कार्यालय गुना में संपादित रजिस्ट्री की छाया प्रति इस शिकायत के साथ संलग्न है। प्लॉट का मौके पर कब्जा भी विक्रेता कॉलोनाइजर ने स्वयं आकर दिया था।
विक्रेता कॉलोनाइजर ने उक्त प्लाट मुझे बेचते समय बताया था कि कॉलोनी पूरी तरह वैध है तथा यहां पर सड़क, पेयजल, बिजली, स्ट्रीट लाइट, ड्रेनेज, पार्क आदि की व्यवस्था भी जल्दी ही की जाएगी। यह भी कहा था कि उक्त प्लॉट नदी, नाले की भूमि अथवा अन्य शासकीय भूमि पर नहीं है। तथा सभी प्रकार के वाद विवाद से मुक्त एवं शासन के सभी विभागों के नियमों के अनुसार सही है। विक्रेता द्वारा इस प्रकार का भरोसा मुझे दिलाए जाने के बाद मैंने अपने बच्चों और परिवार के सपने और सबसे बड़ी जरूरत को पूरा करने के लिए अपना पेट काटकर मेहनत की कमाई से यह प्लॉट खरीदा था तथा उस पर कर्जा लेकर मकान बनाया था। लेकिन प्लॉट बेचने के बाद विक्रेता कॉलोनाइजर ने मूलभूत सुविधाएं सड़क, पानी, इलेक्ट्रिसिटी, ड्रेनेज की व्यवस्था नहीं कराई।
अब दिनांक xyz को प्रशासन की एक टीम जिसमें श्री xyz, श्री xyz शामिल थे उन्हेंने सर्वे के मुझे बाद बताया है कि मेरा मकान नदी, नाले की भूमि पर अतिक्रमण कर बना है। जबकि मैंने तो उसी प्लॉट पर मकान बनाया है जहां विक्रेता कॉलोनाइजर नाम xyz ने मुझे कब्जा दिया था।
इस तरह आज मुझे ज्ञात हुआ है कि विक्रेता कॉलोनाइजर नाम xyz ने मेरे साथ धोखाधड़ी की है और अवैध भूमि पर प्लॉट बताकर, गलत स्थान पर कब्जा देकर तथा प्लॉट की रजिस्ट्री करवाकर मुझसे राशि हड़प ली है। मैने प्लॉट पर जो मकान बनाया है उस पर कुल राशि 0000 रुपए खर्च हुए हैं। जिसका मूल्यांकन मैने इंजीनियर से कराया है, मूल्यांकन रिपोर्ट और मकान के फोटो भी संलग्न हैं। इस प्रकार प्लॉट और मकान में मेरे कुल राशी 00000 रुपए खर्च हुए हैं, जो मेरा मकान अतिक्रमण में बताए जाने से व्यर्थ चले गए हैं।
इस तरह विक्रेता कॉलोनाइजर नाम xyz ने मेरे साथ धोखाधड़ी कर विक्रय न किए जा सकने वाले भूखंड को मुझे बेचकर राशि मुझसे राशि हड़प ली और नदी, नाले की भूमि पर अतिक्रमण वो जगह मुझे प्लॉट का कब्जा देकर मेरे साथ छल किया है।
अतः विक्रेता कॉलोनाइजर नाम xyz के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर मुझे हुई आर्थिक हानि की भरपाई कराने की कृपा करें।
प्रार्थी
पूरा नाम -
पता -
मोबाइल नंबर -
संलग्न :
1. प्लॉट की रजिस्ट्री की छायाप्रति।
2. मकान के फोटो।
3. इंजीनियर द्वारा किया गया मकान का मूल्यांकन प्रतिवेदन।
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