गुना: तालाब-नालों से अतिक्रमण हटाना जरूरी, विरोध करने वाले भी होंगे जिम्मेदार

Aug 18, 2025 - 14:20
Aug 18, 2025 - 14:21
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गुना (आरएनआई) गोपालपुरा तालाब से निकले नाले पर बनी अवैध पुलिया को प्रशासन के बुलडोजर ने नेस्तनाबूद कर अतिक्रमण हटाने की मुहीम का श्रीगणेश कर दिया। 

अब यदि नदी नालों से अतिक्रमण हटाने की प्रशासनिक मुहीम थमी, तो इसके लिए प्रशासन ही नहीं बल्कि शहर के वो लोग भी जिम्मेदार होंगे जो आज अतिक्रमण का विरोध नहीं करेंगे और अतिक्रमण हटाने की मुहीम का समर्थन नहीं करेंगे। 

कारण, अतिक्रमण हटाना आसान नहीं है। नालों में, गटर में, अतिक्रमण कर मकान बनाकर बैठे लोगों के घरों के बाहर जैसे ही प्रशासन की टीम और जेसीबी पहुंचेगी तो आपको क्या लगता है क्या वो ये कहेंगे कि हुजूर गलती हो गई,, आओ हमारा मकान तोड़ दो। बिल्कुल नहीं। वो नंगा नाच करेंगे! 

कोई जेसीबी के सामने खड़ा होगा तो कोई उसकेे सामने लेटकर दिखाएगा। महिलाओं और बच्चों को आगे रखकर खेल खेला जाएगा, ताकि मीडिया उनके विजुअल तथा बयान दिखाए और छापे। इसलिए मीडिया को भी सनसनीखेज के स्थान पर लार्ज पब्लिक इंट्रेस के प्रति जबावदेही पर ध्यान देने की जिम्मेदारी बढ़ गई है।

कारण कि एक जमात इस अतिक्रमण विरोधी मुहिम को गरीबों और आम जनता पर अत्याचार बताएगी। और तर्क देगी कि भू माफिया जब प्लॉट बेच रहे थे तब प्रशासन कहां था,, प्लॉट की रजिस्ट्री और नामांतरण क्यों किया, नगरपालिका ने मकान की परमिशन क्यों दी,, आदि आदि। क्योंकि कोई भी इन चीजों का अर्थ नहीं जानता। यदि भू माफिया ने जनता को ठगा है, तो पीड़ित को भू माफिया और दलालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का विकल्प खुला है। 

वैसे भी निर्माण परमिशन सशर्त मिलती है और सभी शर्त को पूरा कर कोई भी व्यक्ति अपना मकान नहीं बनाता। यानि परमिशन स्वतः निरस्त हो चुकी होती है। जो मेरी बात से असहमत हों वो परमिशन की शर्तों और नगरपालिका से स्वीकृत नक्शे निकालें और सामने रखकर अपने मकान का मिलान कर लें, सारी गलतफहमी दूर हो जाएगी। 

कुछ नेताओं को ज़र ख़रीद गुलाम बना चुके राजनैतिक संरक्षण प्राप्त भू माफियाओं ने बेखौफ अवैध कॉलोनियां बनाने के साथ साथ नदी नालों पर भी जल संसाधन विभाग और नगरीय निकाय से परमिशन लिए बिना जगह जगह पाईप कलवर्ट (पाईप पुलिया) बनाए हैं। इनके पाइप में कचरा झाड़ियां फंसते ही ये पाइप कलवर्ट स्टॉप डैम बन जाती है। और पानी के बहाव को पूरी तरह रोक देती हैं। ऐसी सारी अवैध पुलिया तोड़कर वैध अवैध कॉलोनाइजर से ही नियमानुसार आवश्यकता के हिसाब से बॉक्स कलवर्ट बनवाना चाहिए।

कुल मिलाकर चंद भू माफियाओं और अतिक्रमणकारियों के कारण तीन तालाब गोपालपुरा, सिंहवासा और भुजरिया से घिरे अपने गुना शहर को भविष्य में बाढ़ के जोखिम से बचाने के लिए नदी नालों से अतिक्रमण हटाया जाना बेहद जरूरी है। 

यदि शहर का भविष्य सुरक्षित रखना है तो इस मुहिम का हर नागरिक को समर्थन करना ही होगा। प्रशासन का समर्थन करना ही होगा।  अतिक्रमण को हतोत्साहित करना ही होगा।  भू माफिया को दंडित कराना ही होगा।  और उन नेताओं का भी खुलकर बहिष्कार करना होगा जो किसी भी तरह के माफिया और अतिक्रमण को संरक्षण देते हैं।

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