इस्राइली सेना भर्ती नीति के खिलाफ न्यूयॉर्क में हजारों यहूदी प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरे
न्यूयॉर्क (आरएनआई) इस्राइल में धार्मिक छात्रों को दी जा रही सैन्य सेवा छूट समाप्त करने की प्रस्तावित योजना के विरोध में न्यूयॉर्क में रविवार को हजारों यहूदी समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए। यह विरोध प्रदर्शन संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के पास स्थित इस्राइली वाणिज्य दूतावास के बाहर हुआ।
प्रदर्शन में मुख्य तौर पर न्यूयॉर्क शहर और आसपास के इलाकों से आए लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने इस फैसले को अपनी आस्था और धार्मिक शिक्षा पर सीधा हमला बताया। उनका कहना था कि जबरन सेना में भर्ती किए जाने से उनकी पारंपरिक धार्मिक शिक्षा और जीवनशैली प्रभावित होगी।
यह प्रदर्शन सतमार समुदाय के दो प्रभावशाली लेकिन प्रतिद्वंद्वी ग्रैंड रब्बियों की अपील पर आयोजित किया गया था। इसके साथ ही ‘सेंट्रल रब्बिनिकल कांग्रेस ऑफ यूएसए एंड कनाडा’ नामक यहूदी संगठनों के समूह ने भी इस रैली का समर्थन किया।
प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि धार्मिक शिक्षा में संलग्न युवकों को 1948 से ही सैन्य सेवा से छूट दी जाती रही है, और इस पर रोक उनकी धार्मिक स्वतंत्रता का हनन है। दूसरी ओर, इस्राइल में एक वर्ग का मानना है कि यह लंबे समय से जारी छूट असमानता पैदा करती है, विशेषकर गाजा युद्ध के बाद इस विवाद ने और जोर पकड़ा है।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष इस्राइल की सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को आदेश दिया था कि वह धार्मिक यहूदी पुरुषों की भी सैन्य भर्ती शुरू करे। इसी के विरोध में यह प्रदर्शन आयोजित किया गया।
सतमार समुदाय के नेता रब्बी मोइशो ने कहा कि उन्हें इतनी बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की उम्मीद नहीं थी, लेकिन यह समुदाय की गहरी चिंता और असंतोष को दर्शाता है। उन्होंने अमेरिका और न्यूयॉर्क सरकार के प्रति आभार जताया कि वहां धर्म के अनुसार जीवन जीने और टोरा की शिक्षा देने की स्वतंत्रता प्राप्त है।
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